हनुमानगढ़, 28 सितंबर। मुंसरी टोल प्लाजा पर टोलकर्मी की मौत के मामले में गोगामेड़ी थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार और दो नाबालिगों को निरुद्ध किया है। पुलिस के अनुसार 23 सितंबर की रात तीन युवक मोटरसाइकिल से टोल प्लाजा पहुंचे थे।
गलत लेन में जाने को लेकर टोल कर्मचारियों से विवाद हुआ, जिसके बाद मारपीट हुई और टोलकर्मी कारूलाल नागर गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की जांच में पुलिस ने 500 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज और 100 से अधिक होटलों के रिकॉर्ड खंगाले।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं। टीमों ने घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों के साथ हरियाणा में करीब 100 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में संभावित ठिकानों पर दबिश दी और 300 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
गोगामेड़ी मेले से लौटते समय टोल पर हुआ विवाद
पुलिस जांच के अनुसार तीनों युवक मोटरसाइकिल से गोगामेड़ी मेले में आए थे। मेले से लौटते समय रात करीब 3 बजे वे मुंसरी टोल प्लाजा पहुंचे। यहां गलत लेन में प्रवेश करने को लेकर टोल कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
पुलिस के मुताबिक विवाद के दौरान टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में कारूलाल नागर और एक अन्य टोलकर्मी धर्मवीर घायल हुए। कारूलाल को पहले गोगामेड़ी और बाद में भादरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
हिसार निवासी 19 वर्षीय अंकित गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरोपियों की पहचान हुई। कार्रवाई करते हुए अंकित (19) पुत्र नरेश धानक, निवासी नवदीप कॉलोनी, आनंद नगर, हिसार को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ दो नाबालिगों को भी निरुद्ध किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज, होटल रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। वारदात के बाद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।
500 से ज्यादा कैमरे और 100 से अधिक होटलों के रिकॉर्ड खंगाले
मामले की गंभीरता को देखते हुए भादरा डीएसपी और गोगामेड़ी थाना प्रभारी के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें बनाई गई थीं। पुलिस टीमों ने 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज देखी और 100 से ज्यादा होटलों के रिकॉर्ड की जांच की।
इसके अलावा घटना से जुड़े करीब 300 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार तकनीकी सूचना और फील्ड स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
मामले में पुलिस का अनुसंधान अभी जारी है।

