सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू और उनकी पत्नी कोमल साहूसोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू और उनकी पत्नी कोमल साहू

भीलवाड़ा, 31 अक्टूबर 2026। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पंचायत चुनाव के नतीजों ने सोशल मीडिया की लोकप्रियता और जमीनी वोटिंग के बीच का फासला एक बार फिर साफ कर दिया। चर्चित फिटनेस यूट्यूबर पवन साहू ने अपनी पत्नी कोमल साहू को शाहपुरा तहसील की फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत से सरपंच पद पर उतारा था। नतीजे में कोमल को सिर्फ 277 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहीं ।

पवन साहू के यूट्यूब पर करीब 2.77 करोड़ सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर लगभग 70 लाख फॉलोअर्स हैं। वे फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग से जुड़ा कंटेंट बनाते हैं । इतनी बड़ी ऑनलाइन फैन फॉलोइंग के बावजूद उनकी पत्नी को गांव के मतदाताओं का भरोसा नहीं मिला। इस सीट पर भगवती लाल सोनी ने 1,203 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि पूर्व सरपंच कालू राम जाट 797 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे ।

चुनाव प्रचार में लगाई थी पूरी ताकत

पवन साहू ने पत्नी के चुनाव प्रचार के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने गांव में खुद के पैसे से हैंडपंप और ट्यूबवेल लगवाने जैसे काम शुरू किए और लोगों से घर बनवाने में मदद की अपील भी की। उन्होंने इस अभियान को ‘मिशन 2026’ नाम दिया था और ‘मेरा गांव, मेरी पहचान’ का नारा दिया था । राजस्थान के कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी वीडियो बनाकर कोमल के समर्थन में वोट देने की अपील की थी ।

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मतदान के दिन हुआ था हंगामा

मतदान के दिन फुलियाखुर्द के एक बूथ पर पवन साहू ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाकर हंगामा किया था। पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद उन्हें मतदान केंद्र से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, उनके आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई ।

हार के बाद क्या बोले पवन साहू

चुनाव नतीजों के बाद पवन साहू का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने हार को सहजता से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि उनके पास सिर्फ पांच दिन थे और उन्होंने कड़ा मुकाबला किया। उन्होंने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा, “हम सिर्फ चुनाव हारे हैं, लेकिन अपने लिए सिर्फ सरपंच पद ही बहुत कुछ नहीं था” ।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स होना चुनाव में जीत की गारंटी नहीं है। जमीनी पकड़, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं का भरोसा ही चुनाव में निर्णायक साबित होता है।

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