बाड़मेर, 29 अक्टूबर 2026: राजस्थान के बाड़मेर जिले में पंचायत चुनाव में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गडरा रोड ग्राम पंचायत में सरपंच पद के उम्मीदवार पूराराम का नामांकन स्क्रूटनी के दौरान खारिज कर दिया गया था, लेकिन चुनाव में उनका नाम और चुनाव चिह्न बैलेट पेपर पर बना रहा और वे 187 वोटों के अंतर से विजयी घोषित हो गए। इस मामले में जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं ।
जानकारी के मुताबिक, गडरा रोड ग्राम पंचायत में 23 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया हुई थी। स्क्रूटनी के बाद जिन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए गए, उनकी सूची नोटिस बोर्ड पर लगाई गई। इस सूची में पूराराम का नाम भी शामिल था। नामांकन खारिज होने की वजह परिशिष्ट 6डी/उपबंध 1बी में दी गई जानकारी अधूरी होना बताई गई, जो उम्मीदवार के आपराधिक इतिहास और दोषसिद्धि रिकॉर्ड से जुड़ी होती है ।
विवादित जीत और आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव में पूराराम को 1,786 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कुलदीप सिंह को 1,599 वोट मिले। पूराराम ने 187 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा गया और शपथ भी दिलाई गई ।
कुलदीप सिंह के भाई भरत सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों ने नोटिस बोर्ड पर लगाई गई सूची में पूराराम का नाम खारिज के रूप में स्पष्ट लिखा था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पूराराम को चुनाव लड़ने की अनुमति मिलना या तो जानबूझकर किया गया या अधिकारियों की लापरवाही है। उन्होंने परिणाम रद्द करने की मांग को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई है ।
दूसरी ओर, पूराराम ने अपनी जीत को पूरी तरह वैध बताया है। उन्होंने कहा कि उनका नामांकन कभी खारिज नहीं हुआ था और ये आरोप राजनीतिक विरोधियों द्वारा फैलाई गई अफवाहें हैं। उनका कहना है कि प्रिसाइडिंग ऑफिसर ने उन्हें आधिकारिक रूप से चुनाव चिह्न दिया था ।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
बाड़मेर के जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने बताया कि मामले की जांच जारी है। एसडीओ सुरेश कुमार ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर से जानकारी मांगी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अगर पूराराम का नामांकन खारिज हो गया था तो उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति कैसे मिली । एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप है कि एसडीओ के हस्तक्षेप के बाद दो खारिज नामांकनों को दोबारा स्वीकार कर लिया गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है ।
