पशुओं का इस बारिश के मौसम में ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो गया है। इस मौसम में जहां बीमारी फैलती है। इसी के साथ ही इस मौसम में मच्छर बरसाती ज्यादा होते हैं। पशुपालक मच्छरदानी लगाकर अपने पशुओं को मच्छरों से बचाने की कोशिश करते हैं, मगर मच्छर पशुओं का पीछा नहीं छोड़ते, इसलिए आज आपको बता दें रहे हैं ये आसान टिप्स और पाएं हमेशा के लिए छुटकारा.
वैसे देखे तो मक्खी और मच्छर की वजह से दूध उत्पादन में भी गिरावट आती है. इसका पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है, पशुओं को मच्छर से बचाने के लिए आप देसी उपाय भी कर सकते हैं जो बहुत ही कारगर होता है.
सिरसा जिला के बेगू गांव के किसान राजेराम बताते हैं कि वे अपने पशुओं को मक्खी और मच्छर से बचाने के लिए पहले कीटनाशक का इस्तेमाल करते थे, कई बार कीटनाशक की वजह से पशुओं को भी नुकसान होता है, इनकी त्वचा पर एलर्जी हो जाती थी. इसके बाद उन्होंने पशुओं को मक्खी और मच्छर से बचाने के मच्छरदानी भी लगाई लेकिन फिर भी जब मक्खी और मच्छरों ने पशुओं का पीछा नहीं छोड़ा तो उन्होंने देसी तरीका अपनाया. जो बहुत ही कारगर है, राजेराम अपने पशुओं को मक्खी और मच्छर से बचाने के लिए डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे करें इस्तेमाल
आपको बता दें कि आमतौर पर घरों में डिटर्जेंट का इस्तेमाल कपड़ों की धुलाई के लिए किया जाता है. लेकिन यह डिटर्जेंट पशुपालकों के लिए बहुत ही कारगर साबित होता है. डिटर्जेंट में कीटनाशक के गुण पाए जाते हैं, अगर पशु पालक अपने पशुओं को मक्खी-मच्छर से दूर रखना चाहते हैं तो वह 10 लीटर पानी में 2 चम्मच डिटर्जेंट मिलाकर पशु बांधने वाली जगह में छिड़काव कर दें. यह छिड़काव जब मक्खी-मच्छर पर पड़ेगा, वो तुरंत मर जाएंगे, डिटर्जेंट का छिड़काव करना पशुओं की सेहत को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाता, डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने के बाद में पशु चैन से रहेंगे।
पहले पैरों पर छिड़कें
आपको बता दें कि शाम के वक्तमक्खी-मच्छर पशुओं को अधिक परेशान करते हैं. ऐसे में जब सूरज ढल रहा हो उस समय आप डिटर्जेंट का घोल बनाकर पशुओं के पैरों पर छिड़काव कर दें. मक्खी-मच्छर सबसे अधिक पशुओं के पैरों पर ही आकर बैठते हैं. इसके कारण से पशु विचलित होने लगता है. ऐसे में अगर आप इस डिटर्जेंट का छिड़काव पशुओं के पैरों पर करेंगे तो मक्खी-मच्छर तुरंत मर जाएंगे।
