मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सावन के दूसरे सोमवार यानि 21 जुलाई 2025 को भी कई प्रदेशों में बरसात होगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक चक्रवाती परिसंचरण पाकिस्तान के मध्य भागों पर बना हुआ है। डिप्रेशन (गहरा दबाव क्षेत्र) दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश पर स्थित है। यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगी।
मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अब बीकानेर, दतिया, डिप्रेशन का केंद्र, डेहरी, पुरुलिया, दीघा होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में 5.8 किमी ऊँचाई पर 70ए पूर्व देशांतर और 30ए उत्तर अक्षांश के उत्तर में एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है। एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण उत्तर आंतरिक कर्नाटक पर स्थित है।
मौसम की संभावित गतिविधि
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, दक्षिण कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा के कुछ हिस्सों और तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बरसात की उम्मीद है।
झारखंड, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पश्चिम राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में हल्की बरसात की उम्मीद है।
देश भर में हुई मौसमी हलचल
पिछले 24 घंटे के दौरान,दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से भारी बरसात दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
