सिरसा। प्रदेश प्रवक्ता व जिला प्रेस सचिव व सिरसा डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर ने नियमित व अनियमित कर्मचारियों को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि हरियाणा रोडवेज के तमाम कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे और रोडवेज का चक्का जाम करेंगे क्योंकि हरियाणा सरकार ने यूपीएस लागू करने का ऐलान कर दिया है। सरकार ने एक प्रकार से प्रदेश के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने से मना ही कर दिया है, जोकि अति दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
क्योंकि अन्य मांगों के साथ-साथ पुरानी पेंशन बहाल करना 9 जुलाई कि राष्ट्रीय हड़ताल की एक अति महत्वपूर्ण मांग है। इस हड़ताल को अधिकाधिक मजबूत करना चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष को पत्र के माध्यम से 9 जुलाई को होने जा रही राष्ट्र व्यापी हड़ताल में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि जो भी पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर संघर्ष करना चाहते हैं उन्हें इस हड़ताल में पूरी ताकत के साथ भाग लेना चाहिए। लेबर कोड्स के तहत न सिर्फ पेंशन का अधिकार ही खत्म किया जा रहा है, बल्कि संगठित होने, सामूहिक रूप से संगठित आंदोलन करने तक के अधिकार को ही कुचलने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा भी लेबर कोड्स के लागू होने से दासता की व्यवस्था लागू होगी। यदि कोई संगठन पुरानी पेंशन योजना पर इतने बड़े हमले के बावजूद इस हड़ताल से दूर रहता है तो इसका अर्थ होगा कि वह पुरानी पेंशन बहाली के लिए भी गम्भीर नहीं है।
चाहर ने कहा कि मौजूदा केंद्र व राज्य सरकार कर्मचारियों, किसानों, मजदूरों के हितों के साथ लंबे समय से कुठाराघात करके उनके हितों पर डाका डालने का काम कर रही है। वर्ष 1926 में अंग्रेजों के राज के वक्त कर्मचारियों, मजदूरों ने लंबी लड़ाई लडक़र जो कानून बनवाए थे, आज उन्हें पूंजीपत्तियों के दबाव में श्रम सुधार कानून में बदलाव करते हुए लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। इन कानूनों के लागू होने से स्थाई कर्मचारी अस्थाई हो जाएगा और रोजगार का स्वरूप भी अस्थाई हो जाएगा। सरकार काम के घंटे में भी बढ़ोतरी करके शोषण का काम कर रही है। इसके विरोध में आंदोलन करने वाले कर्मचारी व नेताओं पर दमनात्मकपूर्ण कार्यवाही की जा रही है । निजीकरण व्यवस्था से केवल पूंजीपतियों का फायदा होगा।
कर्मचारी, आम जनता, किसान, गरीब आदमी व आम जनता का निजीकरण से भारी नुकसान होगा और मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी। सरकार अपनी जिम्मेवारियों से पीछा छुड़ाना चाहती है, जबकि बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोडवेज, रेल ये विभाग मुनाफे के लिए नहीं बनाए गए थे। यह आम जनता को रियायती दरों पर सुविधा के लिए विभाग चालू किए गए थे। मौजूदा दौर में सरकार तमाम विभागों को प्राइवेट कंपनियों को सौंपने को तैयार है। सरकार की इन कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर व अपनी लंबित मांगों को लागू करवाने को लेकर प्रदेश भर के तमाम कच्चे पक्के कर्मचारी 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बढ़चढक़र भागेदारी करेंगे। हड़ताल को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी खंडों में जत्था अभियान चलाकर सरकारी कार्यालयों पर पोस्टर चिपकाए जाएंगे और कर्मचारियों के बीच हैंडबिल बांटे जाएंगे।
