हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त सांझा संघर्ष समिति के आह्वान पर नाथूसरी बिजली बोर्ड के प्रांगण में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी एकत्रित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सब यूनिट (HSEB) के प्रधान राकेश जांगड़ा एवं AHPC के प्रधान खुशी राम द्वारा संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन सब यूनिट सचिव सुनील जाखड़ व विजेंद्र ने किया।
विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से HSEB वर्कर्स यूनियन के अर्द्धशहरी मंडल सचिव सतबीर सिंह व AHPC के कैशियर शीशपाल ने शिरकत की, अर्द्धशहरी सचिव सतबीर ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने नूँह मेवात की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में देने के लिए HERC द्वारा अपनी जो एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी उसने अपनी रिपोर्ट में उन इन क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपने पर अपनी सहमति व्यक्त की।
अर्द्धशहरी मंडल (AHPC)के कैशियर शीशपाल ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी तथा एग्री डिस्कॉम जैसी कर्मचारी विरोधी नीतियों को भी जो मीटिंग में फैसले हुआ उसको वापस नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन-रात कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
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राकेश जांगड़ा एवं विजेंद्र ने कहा कि HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित की जाए तथा समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
संघर्ष समिति के नेताओं खुशी राम व राकेश जांगड़ा ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करना, एग्री डिस्कॉम बनाने की योजना वापस लेना, बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू करना, HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित करना तथा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
