सिरसा। जीवों को उनके अच्छे बुरे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करने वाले भाग्यविधाता, नवग्रहों के राजा भगवान शनिदेव की कृपा दृष्टि पाने और साढ़ेसत्ती व ढैय्या इत्यादि दशाओं के कोप को कम करने के लिए शनिवारी अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस बार शनिवार अमावस्या आगामी 23 अगस्त को है।
इस अवसर पर नोहरिया बाजार स्थित प्राचीन श्री शनिधाम में ‘शनि अमावस्या उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए श्री शनिदेव मंदिर चेरीटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी आनंद भार्गव, चंद्रमोहन भृगुवंशी ने बताया कि भाद्र मास की अमावस्या शनिवार 23 अगस्त को है। इस विशेष अवसर पर प्राचीन श्री शनिधाम में भगवान शनिदेव का तेल अभिषेक, भंडारा व जागरण कार्यक्रम आयोजित होगा।
उन्होंने बताया कि प्राचीन श्री शनिधाम का जीणोद्धार हो रहा है, इस कड़ी में अब मंदिर के मुख्यद्वार व शेष भवन का निर्माण हो रहा है। सिरसावासियों के सहयोग से भगवान शनिदेव का यह अद्भूत धाम बन गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में जो सज्जन सहयोग देना चाहें वे मंदिर में संपर्क कर सकते हैं। यहां विराजमान भगवान शनिदेव का स्वरूप करीब 225 वर्ष पुराना है और अत्यंत मंगलकारी और शुभफलदायी है।
