बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए एक पिता ने अपनी किडनी दान दे दी। 21 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बेटी क्यूटी मेहंदीरत्ता के लिए जब डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सिफारिश की, तो पिता तुरंत आगे आए और बेटी को किडनी दान करने की पेशकश की। उनकी 21 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बेटी क्यूटी मेहंदीरत्ता को नया जीवन दिया ।
क्यूटी मेहंदीरत्ता की बीमारी की शुरुआत यूरिन इन्फेक्शन से हुई और बाद में गुर्दे भी प्रभावित हुए। उन्हें तब तक दवा दी गई, जब तक कि उनकी किडनी केवल 40 प्रतिशत ही शेष रह गई। क्यूटी का जीवन तब रुक गया जब उसे क्रोनिक किडनी रोग का पता चला। पता चला कि उसकी दोनों किडनी फेल हो गई हैं। इस खबर ने उसे हिलाकर रख दिया। जैसे-जैसे उसकी तबीयत बिगड़ती गई, वह सोशल मीडिया से दूर हो गई।
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क्यूटी के पिता योगेश मेंदीरत्ता ने कहा कि मेरी बेटी को उसके सपनों को साकार करने का मौका देने से बढक़र मेरे लिए कुछ भी नहीं है। अगर मेरी एक किडनी उसे जीने, हंसने और फिर से चमकने में मदद कर सकती है तो मैं बिना किसी हिचकिचाहट के तैयार हूं। हमें मेडिकल टीम पर पूरा भरोसा था, और आज हम उनके लिए शब्दों से परे आभारी हैं। महीनों पहले हुआ यह प्रत्यारोपण न केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया, बल्कि एक महत्वपूर्ण मोड़ भी था।
ठीक होने के बाद क्यूटी मेेहंदीरत्ता ने कहा कि मेरे पिता ने मुझे दो बार बचाया। अब मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरा पुनर्जन्म हुआ है। न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि भावनात्मक रूप से भी। यह यात्रा भयावह थी, लेकिन पार्क अस्पताल की टीम ने हमें परिवार की तरह सहारा दिया। उनके आत्मविश्वास ने मुझे उस समय शक्ति दी जब मेरा आत्मविश्वास खत्म हो रहा था। मैं वापस लौटने, अपने फॉलोवर्स से फिर से जुडऩे और उस सपने को पूरा करने के लिए बेताब हूं, जिसे मैं लगभग खो चुकी थी।
पार्क अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी के निदेशक डॉ. सुरजीत कुमार ने कहा कि हर प्रत्यारोपण एक ऐसी लड़ाई है, जिसे हम अपने मरीजों के साथ मिलकर लड़ते हैं। क्यूटी को ठीक होते और फिर से मुस्कुराते हुए देखना हमें याद दिलाता है कि यह काम इतना महत्वपूर्ण क्यों है। उसकी शक्ति और उसके पिता का साहस हमारी पूरी टीम को प्रेरित करता है, इसी के साथ हमने अपने अस्पताल में 50 सफल किडनी प्रत्यारोपण पूरे कर लिए हैं।
