सिरसा। दिल्ली पब्लिक स्कूल, सिरसा में सीबीएसई द्वारा अनुमोदित अनुभवात्मक शिक्षाए उदार चिंतन (लिबरल थिंकिंग) तथा एसटीईएम एजुकेशन विषयों पर एक दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य शिक्षक समुदाय को नवीन शिक्षण विधियों से परिचित करवाना तथा सभी विषयों के आपसी समन्वय द्वारा शिक्षण को अधिक प्रभावशाली एवं यथार्थपरक बनाना था।
कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय प्रांगण में विद्यालय की प्राचार्या डा. रमा दहिया तथा आमंत्रित अतिथिगण द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। प्राचार्या डा. दहिया ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि वर्तमान शैक्षिक परिवेश में अनुभवात्मक शिक्षा और बहुविषयी शिक्षण अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय सदैव नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने हेतु संकल्पित है। कार्यशाला में बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय के सहायक आचार्यगण डा. साक्षी छाबड़ा, डा. अनीश चक्रवर्ती तथा रीना कुमारी ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर विषयवस्तु को प्रभावी उदाहरणों एवं गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में शाह सतनाम गल्र्स स्कूल सिरसा की प्राचार्या डा. शीला पूनिया, द सिरसा स्कूल की प्राचार्या मनीषा गोदारा एवं दयानंद स्कूल चौपटा की प्राचार्या स्वाज शर्मा ने कार्यशाला की गरिमा में अभिवृद्धि की। इस अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल, सिरसा के शिक्षकगणों के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक भी सहभागिता हेतु पधारे। कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यालय प्राचार्या डा. रमा दहिया ने समस्त अतिथियों, वक्ताओं एवं सहभागियों का हृदय से आभार प्रकट किया तथा आश्वासन दिया कि सीबीएसई द्वारा अनुमोदित ऐसी शैक्षिक कार्यशालाओं का आयोजन भविष्य में भी निरंतर किया जाएगा, जिससे शिक्षकों की बौद्धिक समृद्धि एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होती रहे।
