गोगामेड़ी न्यूज (नरेश कुमार) 26 सितंबर 2026 : गोगामेड़ी/हनुमानगढ़। हरियाणा की सीमा से सटे राजस्थान में भाद्रपद माह में करीब एक माह तक चले गोगामेड़ी मेला 2026 का शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ समापन हो गया। मेले में इस बार 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के गोगाजी और गुरु गोरखनाथ मंदिर में धोक लगाई। समापन अवसर पर भादरा विधायक संजीव बेनीवाल ने प्रशासन की व्यवस्थाओं और देवस्थान विभाग की ओर से किए गए नए प्रयासों की सराहना की तथा अगले वर्ष मेले में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए अधिक बजट लाने की घोषणा की। मेले के समापन से पहले भादरा विधायक संजीव बेनीवाल, मेला मजिस्ट्रेट एवं नोहर एसडीएम सुनीता यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने गोगाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की। अधिकारियों ने गोगाजी की समाधि पर चादर चढ़ाकर क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की ओर मन्नत मांगी ।
प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों की भूमिका
विधायक संजीव बेनीवाल ने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। उन्होंने मेला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सामाजिक संगठनों और धर्मशालाओं की ओर से किए गए सहयोग की सराहना की।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष गोगामेड़ी मेले में श्रद्धालुओं के लिए और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए बजट बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
मेला मजिस्ट्रेट सुनीता यादव ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोगामेड़ी पहुंचते हैं। उन्होंने मेले को आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि व्यवस्था बनाए रखने में धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग मिला।

स्थायी बेरिकेडिंग से दर्शन व्यवस्था में बदलाव
जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग की ओर से इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की गईं। मंदिर परिसर में पिछले वर्ष बनाई गई करीब 850 फीट स्थायी स्टील बेरिकेडिंग का भी इस्तेमाल किया गया। इससे श्रद्धालुओं के लिए कतार व्यवस्था बनाने में मदद मिली और धूप-बारिश से बचाव की सुविधा भी रही।
आयोजकों के अनुसार बेरिकेडिंग व्यवस्था से जेब कटने और पर्स चोरी जैसी घटनाओं पर भी नियंत्रण में मदद मिली। समाधि के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं।
रैन बसेरों में मुफ्त इलाज, करीब 25 हजार मरीजों का उपचार
देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी के अनुसार रैन बसेरों में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। यहां नि:शुल्क चिकित्सालय भी संचालित किया गया।
आयोजकों के अनुसार इस चिकित्सालय में करीब 25 हजार मरीजों का उपचार किया गया और उन्हें दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। मेले के दौरान कोई गंभीर चिकित्सकीय हादसा दर्ज नहीं होने की बात भी अधिकारियों की ओर से कही गई।
रैन बसेरों के सामने श्रद्धालुओं के लिए भंडारों की व्यवस्था भी की गई।
पहली बार पतंगबाजी और डायनासोर थीम का नवाचार
देवस्थान विभाग की ओर से इस बार मेले में पहली बार पतंगबाजी और डायनासोर से जुड़े नए आकर्षण भी शामिल किए गए। समापन अवसर पर इन नवाचारों की भी चर्चा हुई।
जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग की ओर से मेले से संबंधित जानकारी को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव की पहल पर श्री गोगाजी मंदिर के लिए अधिकृत वेबसाइट विकसित की गई, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को मेले से जुड़ी जानकारी और लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
पशु मेले का भी समापन
गोगामेड़ी के साथ आयोजित पशु मेले का भी समापन किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से पशुपालक और पशु लेकर पहुंचे थे। इस वर्ष गोगामेड़ी पशु मेले में हरियाणा के सिरसा क्षेत्र के पशुपालकों के पशुओं ने भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था।
पूर्णिमा पर उमड़ी भीड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए
मेले के अंतिम चरण में पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गोगाजी की समाधि पर धोक लगाई। समापन कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय कलाकार रामकुमार नाथ एंड पार्टी, गोगामेड़ी की ओर से प्रस्तुतियां दी गईं।
गोगामेड़ी का भाद्रपद मेला राजस्थान के साथ हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोगाजी की समाधि पर पहुंचते हैं।
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