सावन का माह कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। सावन माह को लेकर काफी इंतजार रहता है। वैसे देखे तो दान-पुण्य करने को हर धर्म में बढ़िया माना गया है. हिंदू धर्म में तो हर खास अवसर पर दान देने की परंपरा है.
आपको बता दें कि यदि आपकी जिंदगी में समस्याएं हों, नाकामी मिल रही हो, या फिर किस्मत साथ ना दे तो मंदिर में कुछ खास चीजें दान करें। इससे इन चीजों का दान आपके बिगड़ते हुए कार्य बन सकते हैं। इसी के साथ ही किस्मत चमका सकता है। बता दें कि खासकर मंदिर में इन विशेष चीजों का दान करें, जिंदगी के सारे कष्ट खत्म कर सकता है. उसे कभी धन की कमी नहीं होती है.
मंदिर में इन वस्तुओं का दान बहुत ही पुण्यदायी
मूर्ति दान:
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि मंदिर में भगवान की मूर्ति का दान करें, यह बेहद शुभ माना जाता है. क्योंकि जब-जब उस मूर्ति की पूजा होगी, उसका फल दानदाता को भी मिलेगा। इस तरह मूर्ति के दानदाता को जन्म-जन्मांतर तक पुण्य फायदा मिलता रहेगा।
पूजा के बर्तन:
इसी के साथ ही मंदिरों में तांबे या पीतल या सोने-चांदी के पूजा के बर्तन दान करें, पूजा के बर्तनों को मंदिर में दान करना लंबे वक्ततक फायदा देता है क्योंकि जब-जब इन बर्तनों का उपयोग भगवान की पूजा में होगा, उतनी बार दानदाता को फल प्राप्त होगा. ऐसे जातक के जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती है।
मंदिर निर्माण की सामग्री :
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि अगर मंदिर का निर्माण हो रहा है तो आप वहां निर्माण सामग्री जैसे – सीमेंट, टाइल्स, पत्थर या अन्य सामग्री दान करें, ऐसा करने से जब तक मंदिर रहेगा, आपको इसका फायदा मिलता रहेगा.
पीपल, बरगद या बेलपत्र का पेड़ लगाना:
इसी के साथ ही मंदिर परिसर में पीपल, बरगद या बेलपत्र जैसे पूजनीय पेड़ लगाना बहुत पुण्य का काम है. जब तक ये पौधे बड़े ना हो जाएं उनकी देखभाल जरूर करें.
पानी का प्याऊ:
इसी के साथ ही मंदिर में पीने के पानी की व्यवस्था करने से बहुत पुण्य मिलता है.
आसन और पूजा सामग्री: मंदिर में भक्तों के बैठने के लिए आसन, पूजा के लिए सामग्री जैसे – घी, तेल, अक्षत आदि का दान करें. इससे रूठी किस्मत भी मान जाती है. व्यक्ति की कुंडली में गुरु बलवान होता है और किस्मत चमक उठती है.
भगवान का भोग:
वहीं भगवान को लगाए जाने वाले भोग के लिए पंचामृत, मेवे, मिठाई आदि का इंतजाम करें, ऐसा करने से बहुत पुण्य मिलता रहता है।
भंडारे के लिए सामान:
इसी के साथ ही मंदिर में यदि भंडारा होता है तो उसके लिए चावल, गेहूं या अन्य अनाज का दान करें, यह बहुत ही पुण्य माना गया है. इससे कई लोगों का पेट भरता है और इसका फल आपको लंबे वक्त तक मिलता है.
नोट : ये खबर केवल जागरूक करने के लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की सहायता ली है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।
