सिरसा। सेक्टर-20 स्थित श्री लक्ष्मीनारायाण मंदिर में टैंपल ट्रस्ट द्वारा मंदिर के 15वें स्थापना दिवस पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत महापुराण के अंतिम दिन कथा व्यास ललित व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत पुराण हिंदु धर्म का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ है जिसमें भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से मोक्ष की अवधारण को गहराई से समझाया गया है। भागवत में मुक्ति की कथा कई कथाओं, उपदेशों और दार्शनिक विचारों के माध्यम से व्यक्त की गई है। कथा के समापन पर लंगर भंडारा लगाया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भोजन ग्रहण किया।
मूल प्रकृति में लौटने का मार्ग है भागवत
कथाव्यास ने बताया कि मुक्ति का तात्पर्य संसार के बंधनों से मुक्त होकर परमात्मा के साथ एकीकरण या परमधाम की प्राप्ति से है। भागवत में आत्मा की मूल प्रकृति में लौटने की प्रक्रिया के रूप में वर्णित किया गया है, जहां अनंत आनंद और शांति का अनुभव होता है। उन्होंने भगवान अजमिल की कथा से लेकर, श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग, सुदामा-श्रीकृष्ण की मित्रता, राजा मृग के प्रसंग, राजा परीक्षित का तक्षक नाग द्वारा डसना आदि प्रसंगों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार राजा परीक्षित ने मुक्ति पाई।
अनेक समाजसेवियों ने की शिरकत
श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन के मुख्य यजमान योगेश गर्ग थे। उन्होंने सपत्नीक धार्मिक विधिविधान से पूजा अचना की। कथा के अंतिम दिन अनेक समाजसेवियों ने भाग लिया जिसमें ट्रस्ट के उपप्रधान भारत भूषण ऐलावादी, सचिव ऋषि शर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक गुप्ता, सहसचिव मेघनाद शर्मा, पूर्व प्रधान वीके गर्ग, कानूनी सलाहकार श्यामलाल सचदेवा, सुरेश भारद्वाज, अविनाश कांत शर्मा, डॉ. राजेंद्र शर्मा, राजेंद्र स्वामी, एसडी शर्मा, राकेश सिंगला, एसपी मेहता, आरपी कड़वासरा व विनोद बंसल आदि मौजूद थे।
आर्थिक सहायता में आगे आए समाजसेवी
ट्रस्ट की ओर से इस अवसर पर बेसमेंट में छह एसी लगवाने के लिए श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया था। ट्रस्ट से सचिव ऋषि शर्मा ने बताया कि प्रसिद्ध उद्योगपति नरेश सेठी, पूनम, कौशल्या देवी, ललित सिंगला, आरपी कड़वासरा व एक एसी गुप्तदान के रूप में प्राप्त हुए। उन्होंने ट्रस्ट की ओर से सभी का आभार जताया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर में चल रही डिस्पेंसरी में सेवाएं प्रदान कर रहे डॉ. गिरीश, डॉ. राजेंद्र स्वामी, डॉ. राजेंद्र शर्मा, डॉ. एसडी शर्मा व अन्य कर्मचारियों के अलावा मंदिर से जुड़े सदस्य मुकेश, उमेश, सुरेश, आनंद, अभिषेक, बबलु, आदि अनेक लोगों को भी सम्मानित किया गया।
