मानसून सक्रिय होने से जगह जगह बरसात हो रही है। उमस भरी गर्मी से राहत मिली हैै।
हरियाणा में बरसात से कई जिलों में जलभराव हो गया है, इससे फसल को नुकसान होने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में 18 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण बरसात होने की उम्मीद है।
हरियाणा प्रदेश में मानसून और नमी वाली हवाओं के चलते मंगलवार को भी प्रदेश के 14 में जिलों हुई बरसात से जलभराव हो गया।
हरियाण प्रदेश के हरियाणा कृषि विवि के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा बीकानेर, ग्वालियर, डाल्टागंज, दीघा से होता हुआ उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। नमी वाली मानसूनी हवाएं हरियाणा प्रदेश की आने की उम्मीद व राजस्थान के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से हरियाणा राज्य में मानसून की सक्रियता 18 जुलाई तक बने रहने की उम्मीद है।
इन जिलों में होगी बरसात
हरियाणा प्रदेश में सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, पंचकूला, अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुगाम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में आज बरसात की संभावना है।
