नसून की बरसात का मौसम चल रहा है। इससे जगह जगह अच्छी बरसात हो रही है। बरसात सभी के लिए खुशियां लेकर आई है। इसी के साथ बरसात के इस मौसम में डेंगू का भी पीरियड शुरू हो गया है. दरअसल हर मॉनसून के दौरान जगह-जगह जलभराव हो जाता है।
इस जलभराव में बड़ी मात्रा में मच्छर-मक्खियों को पनपने का अवसर मिलता है. इसी साफ पानी में डेंगू के मच्छर भी पैदा होते हैं, जो दिन में लोगों को काटते हैं, चूंकि सर्दियां शुरू होने पर डेंगू का लार्वा पनप नहीं पाता, इससे धीरे-धीरे ये मच्छर दम तोड़ जाते हैं,
आपको बता दें कि लेकिन उससे पहले के पीरियड में लोगों को बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचा चुके होते हैं. ऐसे में आपको मानसून के पीरियड में डेंगू के मच्छरों से बचने की बहुत जरूरत होती है, इसी को लेकर डेंगू के लक्षण और उससे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
डेंगू के लक्षण क्या होते हैं?
आपको बता दें कि डेंगू में 2 तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं. इनमें कुछ हल्के और कुछ गंभीर हो सकते है, यह लक्षण डेंगू के मच्छर के काटने के चार से एक सप्ताहे के अंदर दिखने लगते हैं, डेगू के हल्के लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, आंखों में दर्द, जी मिचलना, उल्टी, स्किन पर लाल चकत्ते होना और ग्लैंड्स में सूजन शामिल हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए। सही समय पर उपचार और परहेज करने से यह बुखार कुछ दिनों में ठीक हो जाता है.
डेंगू कब हो जाता है गंभीर?
डेंगू का मामला तब गंभीर हो जाता है, जब बॉडी में प्लेटलेट्स काउंट तेजी से कम होने लगते हैं. इस स्थिति को Dengue Haemorrhagic Fever ष्ठद्गठ्ठद्दह्वद्ग ॥ड्डद्गद्वशह्म्ह्म्द्धड्डद्दद्बष् स्नद्ग1द्गह्म् कहा जाता है, आपको बता दें कि अगर इस स्थिति को तुरंत कंट्रोल न किया जाए तो रोगी की मृत्यु का खतरा भी बढ़ जाता है. डेंगू का मामला गंभीर दिखने पर पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मल-मूत्र या नाक से खून का बहना, मसूड़ों से खन आना, हर वक्त थकान महसूस होना, सांस लेने में कठिनाई और चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
उपचार में न करें लापरवाही
सिरसा में स्वास्थ्य विभाग के डा. जेपी ने बताया कि अगर आपकी बॉडी में गंभीर डेंगू के लक्षण दिखाई दें तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और घरेलू इलाज के बजाय एक्सपर्ट चिकित्सक को दिखाएं. अगर जरूरत पड़े तो चिकित्सक की सलाह पर अस्पताल में भी भर्ती हो सकते हैं लेकिन किसी बड़े कॉरपोरेट अस्पताल में भर्ती होकर लुटने की जरूरत नहीं है, डेंगू का उपचार किसी अच्छे अपस्ताल में भी करवा सकते हैं. करीब हफ्ता-दस दिनों के उपचार के बाद यह बीमारी ठीक हो जाती है.
डेंगू से कैसे करें अपना बचाव?
आपको बता दें कि डेंगू से बचाव के लिए मानसून की बरसात में कहीं भी पानी जमा न होने दें. सप्ताहे में कम से कम 2 बार अपने घरों में कूलर का पानी जरूर बदलें, अगर में कहीं पानी इक_ा करके रखते हैं तो उसे ढंककर रखें. सोते समय मॉस्किटो रेपलेंट्स या मच्छरदानी का प्रयोग करें. इस मौसम में फुल बाजू के कपड़े पहनें, जिससे मच्छर आपको काट न सकें. अपने घर के खिड़की-दरवाजों पर बारीक जाली लगवाएं और उन्हें हमेशा ढक कर रखें, जिससे मच्छर अंदर न आ सकें
नोट: ये दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है, इन्हें अपनाने से पहले डा. की सलाह जरूर लेंं, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।
