चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार के निर्देश पर छह मई से शहर में एक साथ पांच नए कानून लागू कर दिए हैं, जिससे किरायेदारी व्यवस्था, फायर सेफ्टी, जमीन रिकॉर्ड, स्टांप ड्यूटी और इमिग्रेशन कारोबार के नियम पूरी तरह बदल गए हैं। इन कानूनों के प्रभावी होने से दशकों पुराने रेंट कंट्रोल नियमों की जगह अब नई और पारदर्शी प्रणाली काम करेगी, जबकि फर्जी ट्रैवल एजेंटों पर सीधे आपराधिक कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने का रास्ता साफ हो गया है।
किरायेदारी विवादों के लिए लागू हुआ असम टेनेंसी एक्ट
चंडीगढ़ में दशकों से लागू ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है और उसकी जगह अब असम टेनेंसी एक्ट-2021 ने ले ली है। इस नए कानून के तहत हर मकान मालिक और किरायेदार को प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रेंट एग्रीमेंट पंजीकृत कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
अगले एक महीने में प्रशासन का डेडिकेटेड रेंट पोर्टल शुरू हो जाएगा और तब तक नागरिक फिजिकल रूप से दस्तावेज जमा करवाकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। किरायेदारी से जुड़े मामलों की सुनवाई अब सीधे जिला स्तर के जज करेंगे, जिसके लिए अलग से रेंट कंट्रोल अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल का गठन किया जा रहा है।
मकान मालिक अब अपनी मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे और किरायेदार व मकान मालिक के बीच उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद का निपटारा अधिकतम साठ दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। अवैध कब्जों के मामलों में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले मकान मालिकों को भी इस कानून से त्वरित राहत मिलने का प्रावधान किया गया है।
फर्जी इमिग्रेशन एजेंटों पर कसेगा कानूनी शिकंजा
मानव तस्करी और विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 और इसके संशोधन अधिनियम-2014 को शहर में लागू कर दिया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस और पंजीकरण के इमिग्रेशन ऑफिस या ट्रैवल एजेंसी का संचालन नहीं कर सकेगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रैवल एजेंटों को तीन से सात साल तक की कठोर सजा भुगतनी होगी। दोषी साबित होने पर संबंधित एजेंसी या ट्रैवल एजेंट की चल-अचल संपत्ति को भी कानूनी रूप से अटैच कर लिया जाएगा। सभी पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने यहां काम करने वाले पूरे स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन करवाएं।
स्टांप ड्यूटी चोरी पर लगेगा भारी जुर्माना
संपत्ति की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े और राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम-2001 व 2003 को चंडीगढ़ में प्रभावी कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अंडर वैल्यूएशन कर संपत्ति का पंजीकरण करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। यदि कोई खरीदार या विक्रेता संपत्ति की वास्तविक बाजार कीमत छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी भरता पकड़ा गया, तो उस पर संपत्ति के कुल मूल्य का तीन प्रतिशत तक भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इस कदम से शहर में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और सरकारी खजाने में होने वाली राजस्व चोरी पर पूरी तरह रोक लगेगी।
आबादी देह जमीनों का तैयार होगा डिजिटल रिकॉर्ड
गांवों की जमीन से जुड़े विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021 लागू किया गया है। पुरानी व्यवस्था में आबादी देह वाली जमीनें केवल खसरा नंबरों के आधार पर सरकारी फाइलों में दर्ज होती थीं, जिससे मालिकाना हक को लेकर अक्सर विवाद पैदा होते थे। नए कानून के तहत अब इन जमीनों का रिकॉर्ड सीधे लोगों के नाम से तैयार किया जाएगा। प्रशासन ने गांवों में पायलट आधार पर एक विस्तृत नक्शा प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है, जिसके तहत हर छोटी-बड़ी संपत्ति का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
फायर सेफ्टी अप्रूवल प्रक्रिया हुई आसान
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को राहत देते हुए प्रशासन ने हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 को शहर की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप लागू कर दिया है। अब शहर के सभी संस्थानों, उद्योगों, और अन्य संस्थाओं को मिलने वाला फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट एक साल की बजाय सीधे पांच साल तक वैध रहेगा। प्रशासन द्वारा अब फायर सेफ्टी अप्रूवल पूरी तरह से टाइम-बाउंड तरीके से जारी किए जाएंगे। आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थापना को तेजी से मंजूरी दी जाएगी, जिससे सुरक्षा मानकों में सुधार के साथ-साथ बार-बार विभागों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म होगी।
हरियाणा और पंजाब के नागरिकों पर सीधा असर
चंडीगढ़ ट्राईसिटी का केंद्र होने के कारण इन कानूनों का सीधा असर हरियाणा और पंजाब के उन लाखों लोगों पर पड़ेगा जो यहां किराये पर रहते हैं, प्रॉपर्टी खरीदते हैं या विदेश जाने के लिए यहां के ट्रैवल एजेंटों से संपर्क करते हैं। पड़ोसी राज्यों से आने वाले छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं के लिए नए रेंट नियम एक बड़ी सुरक्षा छतरी का काम करेंगे।
मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने कहा, “प्रशासन ने पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम, पंजाब आबादी देह अधिनियम, पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट, हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट और असम टेनेंसी एक्ट को चंडीगढ़ में लागू किया है जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली जवाबदेह बनेगी।”
प्रशासन आगामी साठ दिनों के भीतर सभी पांचों कानूनों से संबंधित ट्रिब्यूनल और अथॉरिटी के गठन की अधिसूचना जारी करेगा। इसके समानांतर रेंट एग्रीमेंट पंजीकरण के लिए वेब पोर्टल का ट्रायल रन पूरा कर इसे आम जनता के लिए लाइव कर दिया जाएगा।
