भारतीय किसान एकता ने सिरसा में स्थायी DDA की नियुक्ति की मांगभारतीय किसान एकता ने सिरसा में स्थायी DDA की नियुक्ति की मांग

सिरसा। भारतीय किसान एकता (BKE) ने सिरसा में उप कृषि निदेशक (DDA) के स्थायी पद पर नियमित अधिकारी की नियुक्ति की मांग उठाई है। संगठन ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम उपायुक्त सिरसा को मांग पत्र सौंपा। BKE प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख का कहना है कि जिले में स्थायी DDA नहीं होने से फसल बीमा, कृषि यंत्र सब्सिडी, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, खाद-बीज की जांच और किसानों से जुड़े कई विभागीय काम प्रभावित हो रहे हैं।

औलख ने कहा कि सिरसा बड़ा कृषि क्षेत्र वाला जिला है, इसलिए यहां कृषि विभाग का काम भी ज्यादा है। संगठन का दावा है कि फिलहाल फतेहाबाद के DDA को सिरसा का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। दो जिलों की जिम्मेदारी एक अधिकारी के पास होने से सिरसा में किसानों से जुड़े काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं।

फसल बीमा से लेकर DAP तक समस्याएं गिनाईं

BKE के मुताबिक खरीफ 2025 के फसल बीमा प्रीमियम वापसी और क्लेम से जुड़े कई मामले लंबित हैं। संगठन का कहना है कि जिला स्तर पर जरूरी बैठकों और मामलों के निपटारे में देरी से किसानों को परेशानी हो रही है।

पराली प्रबंधन के सीजन में बेलर और सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी, किसानों की शिकायतों और दूसरी विभागीय प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ने का दावा किया गया है।

इसके अलावा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से जुड़े सत्यापन, पोर्टल की दिक्कतों और धान की सीधी बिजाई की प्रोत्साहन राशि से जुड़े मामलों को भी संगठन ने मांग पत्र में उठाया है।

सिरसा में फसल पंजीकरण को लेकर हाल के दिनों में भी किसानों की परेशानी सामने आई है। 25 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक कालांवाली में करीब 1,100 आवेदन मिलने के बावजूद उस समय लगभग 160 पंजीकरण ही पूरे हो पाए थे। किसानों को इसके लिए बार-बार SDM कार्यालय जाना पड़ रहा था।

DAP को लेकर भी किसानों का प्रदर्शन

BKE ने ऐसे समय में स्थायी DDA की मांग उठाई है जब जिले में DAP को लेकर किसान लगातार परेशानी बता रहे हैं। 7 अक्टूबर को सिरसा की नई अनाज मंडी में DAP के टोकन नहीं मिलने पर किसानों ने विरोध किया और कृषि विभाग के एक अधिकारी की गाड़ी को घेर लिया। इससे पहले भी DAP की मांग को लेकर डबवाली रोड पर किसानों ने जाम लगाया था।

हालांकि इन घटनाओं को सीधे DDA का पद खाली होने का नतीजा नहीं माना जा सकता। BKE का कहना है कि जिले में स्थायी अधिकारी होने से खाद की उपलब्धता, सैंपलिंग, कालाबाजारी पर कार्रवाई और लाइसेंसिंग जैसे कामों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

सिरसा में करीब 3,940 वर्ग किमी क्षेत्र में खेती

सिरसा में कृषि विभाग की जिम्मेदारी का अंदाजा जिले के कृषि क्षेत्र से लगाया जा सकता है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के Sirsa District Profile में जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 4,277 वर्ग किलोमीटर और net sown area करीब 3,940 वर्ग किलोमीटर दर्ज है। Cultivable area करीब 4,050 वर्ग किलोमीटर है।

जिला स्तर पर DDA की भूमिका केवल एक प्रशासनिक पद तक सीमित नहीं है। हरियाणा कृषि विभाग के ATMA दस्तावेज के मुताबिक Deputy Director Agriculture जिला स्तर पर ATMA के Project Director की जिम्मेदारी भी संभालता है। इसके तहत किसान ट्रेनिंग, फील्ड प्रदर्शन और कृषि तकनीक से जुड़ी गतिविधियां होती हैं।

जुलाई में सुखदेव सिंह थे सिरसा के DDA

हालांकि मौजूदा अतिरिक्त कार्यभार को लेकर ताजा सरकारी posting order सार्वजनिक रूप से नहीं मिला है। 10 जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट में डॉ. सुखदेव सिंह को सिरसा का उप कृषि निदेशक बताया गया था। उस समय उन्होंने खरीफ-2026 में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर फसल पंजीकरण से जुड़ी जानकारी जारी की थी।

इसलिए फतेहाबाद के DDA के पास सिरसा का अतिरिक्त चार्ज होने की जानकारी फिलहाल BKE के ज्ञापन और संगठन के बयान के आधार पर है।

जल्द नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

लखविंदर सिंह औलख ने सरकार से सिरसा में स्थायी और स्वतंत्र उप कृषि निदेशक की जल्द नियुक्ति करने की मांग की है। उनका कहना है कि बड़े कृषि क्षेत्र वाले जिले को लंबे समय तक अतिरिक्त चार्ज के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

BKE ने चेतावनी दी है कि नियुक्ति को लेकर जल्द फैसला नहीं हुआ तो संगठन किसानों के साथ आंदोलन शुरू कर सकता है।

ज्ञापन सौंपने वालों में BKE प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली, मनजीत सिंह भदोल, जगदेव सिंह रघुआणा और हरभेत सिंह शमशाबादपट्टी भी शामिल रहे।

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