Weather Update उत्तर भारत में भीषण ठंड का दौर खत्म हो चुका है, लेकिन हरियाणा और पंजाब में घना कोहरा अभी परेशानी बढ़ाएगा। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर भारत में खत्म हुआ कड़ाके की ठंड का दौर
उत्तर भारत में जनवरी के महीने में जारी रही कड़ाके की सर्दी का दौर अब समाप्त हो चुका है। आमतौर पर जनवरी को पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लिए सबसे ठंडा महीना माना जाता है, जबकि फरवरी का महीना सर्दियों में सबसे ज्यादा बारिश और बर्फबारी लेकर आता है। इसी कारण इस समय पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में ठंड की तीव्रता अब धीरे-धीरे कम होने लगी है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में सर्दियों के दौरान सबसे ज्यादा बारिश और बर्फबारी फरवरी में दर्ज होती है। हालांकि, कड़ाके की ठंड आमतौर पर फरवरी की शुरुआत तक ही रहती है। कश्मीर में सर्दियों का सबसे कठोर दौर माने जाने वाला ‘चिल्लई कलां’ 31 जनवरी को समाप्त हो चुका है, जिसके बाद मौसम में धीरे-धीरे नरमी आने लगती है।
हरियाणा और पंजाब में अभी बना रहेगा घना कोहरा
हालांकि ठंड का तीखा असर कम हुआ है, लेकिन हरियाणा और पंजाब में घना कोहरा अभी भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। भारत मौसम विभाग (IMD) और स्काईमेट वेदर के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बुधवार को हरियाणा और पंजाब के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है, वहीं दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जनवरी में न्यूनतम तापमान में दिखा उतार-चढ़ाव
इस साल जनवरी के दूसरे और तीसरे सप्ताह में सर्दी अपने चरम पर रही। कुछ मैदानी इलाकों में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंचने की संभावना रहती है, लेकिन इस बार कोई भी मौसम केंद्र 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया।
हालांकि, कई जगहों पर न्यूनतम तापमान 1 डिग्री या उससे कम दर्ज किया गया। जनवरी के मध्य में सीकर (0.5°C), चूरू (1.3°C), हिसार (0.2°C) और अमृतसर (1.1°C) जैसे शहरों में कड़ाके की ठंड देखने को मिली।
पंजाब के एसबीएस नगर जिले में बल्लोवाल सौंखरी स्थित पीएयू कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में 13 जनवरी 2026 को तापमान 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक अपवाद रहा। वहीं, दिल्ली में 15 जनवरी 2026 को न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
फरवरी में भी बारिश की कमी के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फरवरी में पश्चिमी विक्षोभों की संख्या सबसे अधिक होती है, लेकिन इनकी सक्रियता की अवधि कम हो जाती है। पिछले साल जनवरी में देशभर में 71% बारिश की कमी दर्ज की गई थी, जबकि फरवरी 2025 भी 30% कम बारिश के साथ लगभग सर्दियों का सूखा साबित हुई।
इस साल स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन फिर भी जनवरी 2026 में 31% बारिश की कमी दर्ज की गई है। फरवरी का पहला आधा हिस्सा भी बारिश और बर्फबारी के लिहाज से खास राहत देता नजर नहीं आ रहा, जिससे मौसमी कमी और बढ़ सकती है।
अब दोबारा नहीं लौटेगी जनवरी जैसी सर्दी
मौसम विभाग का कहना है कि भले ही फरवरी में कोहरा बना रहे, लेकिन न्यूनतम तापमान जनवरी 2026 के रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना नहीं है। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में भीषण सर्दी का दौर अब समाप्त हो चुका है और जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड के दोबारा लौटने के आसार नहीं हैं।
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