चोपटा प्लस न्यूज़ । कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मेला ग्राउंड में आयोजित 41वें प्रदेश स्तरीय पशु मेले में इस बार एक से बढ़कर एक अनोखे और कीमती पशु लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। रैंप पर कैटवॉक करते विभिन्न नस्लों के पशु, राजस्थान का जहाज कहे जाने वाले ऊंट और शानदार नस्लों के घोड़े मेले की शान बने हुए हैं। इसी बीच फतेहाबाद जिले के लहरियां गांव से लाया गया नुकरा नस्ल का घोड़ा ‘बादशाह’ मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है। Kurukshetra Pashu Mela News | Badshah Horse Price | Nukra Horse Haryana
28 महीने का, पौने 6 फुट ऊंचा है ‘बादशाह’
घोड़े के मालिक और गांव के पूर्व सरपंच संतलाल ने बताया कि बादशाह की उम्र करीब 28 महीने है और उसकी ऊंचाई लगभग 65 इंच (पौने 6 फुट) है। इस घोड़े की खासियत केवल उसका कद ही नहीं, बल्कि उसकी शानदार बनावट और शाही चाल भी है। संतलाल के अनुसार, आंध्र प्रदेश के एक पशु प्रेमी ने बादशाह की कीमत 50 लाख रुपये तक लगाई थी, लेकिन परिवार के सदस्य उसे बेचने के लिए तैयार नहीं हुए।
सर्दी में पीता है बादाम वाला दूध
बादशाह की डाइट सुनकर कोई भी हैरान रह जाए। संतलाल बताते हैं कि घोड़े के लिए अलग से पूरा डाइट चार्ट तैयार किया गया है।
सुबह 2–3 किलो उबले काले चने
दिन में खेत में घुमाकर ताजी घास
शाम को गाय का दूध
सर्दियों में दूध में उबले बादाम और बाजरा
गर्मियों में मक्खन
हफ्ते में चार दिन बादशाह की तेल से मालिश भी की जाती है।
देसी घी का चूरमा भी है डाइट में शामिल
इतना ही नहीं, बादशाह को अलग-अलग दिनों में जौ, गाजर, गाजर का जूस और देसी घी का चूरमा भी खिलाया जाता है। चूरमे की एक दिन की खुराक में करीब 100 ग्राम देसी घी और पिसे हुए बादाम शामिल होते हैं, जिससे उसकी ताकत और चमक बरकरार रहती है।
परिवार की तरह की जाती है परवरिश
संतलाल बताते हैं कि बादशाह उनकी मां घोड़ी फतेह की पहली और अंतिम निशानी है, क्योंकि उसके जन्म के बाद फतेह की मृत्यु हो गई थी। यही कारण है कि बादशाह को परिवार के सदस्य की तरह पाला जा रहा है। उसकी देखभाल के लिए कोई अलग कर्मचारी नहीं रखा गया, बल्कि सभी जिम्मेदारी खुद संतलाल निभाते हैं।
पीढ़ियों से पशुपालन का शौक
संतलाल के अनुसार, उन्हें घोड़े पालने का शौक अपने दादा प्रताप सिंह से मिला। पशुपालन का यह सिलसिला उनके परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है। शुरुआत में घोड़ों के बारे में जानकारी न होने के कारण उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन बाद में उन्होंने गुजरात से प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेकर इस क्षेत्र में महारत हासिल की। फिलहाल उनके पास बादशाह सहित 9 घोड़े हैं।
मेले में खींच रहा है भारी भीड़
कुरुक्षेत्र पशु मेले में आने वाला हर व्यक्ति नुकरा घोड़े बादशाह के साथ फोटो खिंचवाने और उसके बारे में जानकारी लेने को उत्सुक नजर आ रहा है। आधा करोड़ की कीमत और शाही देखभाल के चलते बादशाह इस बार मेले की सबसे बड़ी चर्चा बना हुआ है।
