सिरसा: जिला बठिंडा के गांव ग्याना में स्थित एक ईंट भट्ठे की साझा संपत्ति में धोखाधड़ी के आरोप में फतेहाबाद के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एसडीओ भागीराम सहित सिरसा के पांच लोगों पर बठिंडा में मामला दर्ज हुआ है। जिनमें सिरसा निवासी और फतेहाबाद के एसडीओ भागीराम, मुंशी सतपाल पुत्र अर्जन कुमार, राजेंदर कुमार, बीरबल व राजकुमार शामिल हैं। उक्त लोगों के विरुद्ध थाना रामां, जिला बठिंडा में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी के अंतर्गत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले के अनुसार उक्त कार्रवाई उस समय की गई जब पीड़ित शिकायतकर्ता देवीलाल गावं पन्नीवाला मोटा ने पुलिस को शिकायत दी। पीड़ित द्वारा प्रस्तुत विस्तृत शिकायत एवं संबंधित दस्तावेजों की थाना रामां के प्रभारी अधिकारी द्वारा की गई गहन जांच में गंभीर एवं चिंताजनक तथ्य सामने आए। जांच से स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता, जो भट्ठे में एक वैध हिस्सेदार था, और उसे बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित सहमति या लेखा-जोखा दिए 2 सितंबर 2015 को अवैध तरीके से रिटायर कर दिया गया।
यह कार्यवाही भट्ठे की वैध डीड में उल्लिखित शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है। पुलिस जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि प्रतिवादी पक्ष ने शिकायतकर्ता को भ्रमित कर एक मनगढ़ंत, बिना हस्ताक्षर वाला हाथ से लिखा हुआ नकली हिसाब तैयार किया, जिसकी कोई भी कानूनी या दस्तावेज़ पुष्टि नहीं की जा सकी। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत आंकड़े के अनुसार उन्हें हिस्सेदारी के बदले न तो कोई लाभ दिया गया और न ही कोई हिसाब या भुगतान किया गया। यह संपूर्ण प्रकरण एक संगठित साज़िश के तहत साझा संपत्ति पर अवैध कब्ज़ा कर लिया। वहीं शिकायतकर्ता को उनके वैध अधिकारों से वंचित करते हुए, धोखाधड़ी, विश्वासघात और जालसाजी के माध्यम से संपत्ति हड़पने का प्रयास किया गया। जांच रिपोर्ट और जिला विधिक सलाहकार की राय के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बठिंडा द्वारा उपरोक्त पांचों व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज करने की अनुमति दी गई, जिसके उपरांत थाना रामां द्वारा मुकदमा विधिवत दर्ज किया गया। वहीं FIR की प्रतियां क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ अधिकारियों और जांच अधिकारी मनजीत सिंह को अग्रिम कार्रवाई हेतु सुपुर्द कर दी गई है।
ये है पूरा मामला:
शिकायतकर्ता देवीलाल के अनुसार जिला बठिंडा के गांव ग्याना में स्थित एक ईंट भट्ठे की साझा संपत्ति को भट्ठे के मुंशी सतपाल पुत्र अर्जन कुमार ने अपने सगे चाचा पार्टनर राजेंदर कुमार, चाचा भागी राम एसडीओ पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट फतेहाबाद, चाचा बीरबल निवासी गांव महमदपुरिया पोस्ट ऑफिस बालासर तहसील रानियां और राजकुमार उर्फ राजू पुत्र वीर बहादुर निवासी गांव ममेरा कलां तहसील ऐलनाबाद के साथ मिलीभगत करके आरोपी सतपाल जो भट्ठे का मुंशी था और भट्ठे का मालिक बन गया। और धोखे से शिकायतकर्ता की कानूनी हिस्सेदार को अवैध रूप से बाहर कर दिया।
यही नहीं एसडीओ भागीराम जो पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट फतेहाबाद हरियाणा सरकार के एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत होते हुए अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया। एसडीओ ने स्वयं इस भट्ठे में हिस्सेदारी निभाते हुए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता की जानकारी और सहमति के बिना भट्ठे से जुड़ी संपत्ति, बिजली कनेक्शन को बिना बकाया बिल चुकाए बदलवा लिया। यहां तक कि लाइसेंस और टैक्स पंजीकरण को भी अपने अधिकार में ले लिया। जबकि सरकारी रिकार्ड लीज डीड व जमाबंदी के अनुसार आज भी शिकायतकर्ता का नाम कानूनी हिस्सेदार के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद, भट्ठे का टैक्स नंबर और खाद्य आपूर्ति लाइसेंस धोखाधड़ी द्वारा सतपाल के नाम पर पंजीकृत कराया गया, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुंशी सतपाल केवल एक कर्मचारी था, जिसकी पुष्टि ईपीएफओ रिकॉर्ड से हुई है और अब मुंशी सतपाल अब इसी भट्ठे का मालिक बन गया है जबकि उसका नाम भूमि लीज दस्तावेजों में कहीं भी उल्लेखित नहीं है।
