हिसार के कालीरावण गांव के पास सिद्धमुख नहर टूटने से 100 फुट का कटाव हुआ। 50 ढाणियां जलमग्न, 8 फीट तक पानी बह रहा। मनरेगा और सिंचाई विभाग की टीम जुटी। हिसार के कालीरावण गांव के पास सिद्धमुख नहर टूटने से 100 फुट का कटाव हुआ। 50 ढाणियां जलमग्न, 8 फीट तक पानी बह रहा। मनरेगा और सिंचाई विभाग की टीम जुटी।

हिसार, 30 अक्टूबर 2026। हिसार जिले के गांव कालीरावण के पास सिद्धमुख ब्रांच नहर शुक्रवार दोपहर अचानक टूट गई। नहर के तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ने से करीब 100 फुट लंबा कटाव हो गया, जिससे तेज बहाव के साथ पानी खेतों और निचले रिहायशी इलाकों में भर गया। पानी के तेज बहाव से करीब 50 ढाणियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं ।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीण डूब रही ढाणियों से लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। मिट्टी की बोरियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से कटाव को बांधने के प्रयास किए जा रहे हैं ।

अभी भी 8 फीट का बहाव, हजारों एकड़ पर मंडराया खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक सुबह नहर में करीब 13 फीट पानी का स्तर था और अभी भी मौके पर 8 फीट के आसपास पानी बह रहा है। अगर समय रहते कटाव को पूरी तरह नहीं रोका गया तो हजारों एकड़ कृषि भूमि और सैकड़ों मकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। अधिकारियों का कहना है कि शनिवार तक पानी का बहाव पूरी तरह बंद हो पाएगा ।

मनरेगा कर्मी और सिंचाई विभाग की टीम जुटी

कटाव को जल्द भरने के लिए कालीरावण और आसपास के गांवों से मनरेगा के तहत काम करने वालों को बुलाया गया है। मौके पर सिंचाई विभाग के एसडीओ सहित अन्य कर्मचारी और अधिकारी पहुंचे हैं, जो ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत और मरम्मत कार्य में लगे हुए हैं ।

पूर्व सरपंच ने प्रशासन पर लगाया ढिलाई का आरोप

पूर्व सरपंच प्रभु कस्वां की ढाणी समेत अमर सिंह, महाबीर, बेगराज, मांगेराम और रामफल की ढाणियों में पानी भर गया है। प्रभु कस्वां ने आरोप लगाया कि अगर प्रशासन समय रहते नहर को पीछे मुख्य ब्रांच टोहाना और काजल हेड से बंद करवा देता और तुरंत भारी मशीनरी भिजवाता, तो इतना बड़ा नुकसान होने से बच सकता था ।

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