प्रदेश सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। हरियाणा में महिलाओं को मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के माध्यम से दूसरा बच्चा लड़का होने पर भी प्रदेश सरकार की योजना के तहत 5 हजार रुपये मिलेंगे।
योजना का लाभ
योजना का लाभ केवल हरियाणा राज्य की निवासी महिलाओं को मिलेगा। पात्र महिलाओं को सरकारी अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रसव कराना अनिवार्य होगा, जिसके तहत पहले से औसतन एक हजार रूपये की सहायता भी मिलती है। इसके अतिरिक्त, परिवार पहचान पत्र में माता-पिता व दोनों बच्चों का नाम दर्ज होना आवश्यक है।
ऐसे करें आवेदन
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र महिलाओं को सरल हरियाणा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र, ई-श्रम कार्ड, मनरेगा कार्ड, जन-आधार/जन-स्वास्थ्य कार्ड, अनुसूचित जाति/जनजाति (एससी/एसटी) प्रमाण, बीपीएल/पीला राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि कार्ड, पीपीपी में 8 लाख से कम आय का प्रमाण या आंगनवाडी वर्कर/आंगनवाडी हेल्पर/आशा वर्कर आदि में से कोई एक प्रमाण दस्तावेज के रूप में देना होगा।
इनको नहीं मिलेगा लाभ
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. दर्शना सिंह बताया कि केंद्र या राज्य सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी के टीके लगवाना जरूरी है। मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनवाड़ी वर्कर या आशा के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
