सिरसा। जिले में 10वीं और 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘मिशन सफलता’ अभियान शुरू किया है। सोमवार, 2 नवंबर को खंड शिक्षा कार्यालय सिरसा में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें सिरसा खंड के 32 राजकीय हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के मुखिया, खंड शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार और जिला गणित विशेषज्ञ डॉ. प्रियदर्शन शामिल हुए। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा की गई और आगामी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए स्कूलों को अलग-अलग जोन में बांटकर सुधार की कार्ययोजना बनाने पर चर्चा हुई।
मिशन के तहत पिछले परीक्षा परिणामों के आधार पर स्कूलों को रेड, येलो और ग्रीन जोन में रखा गया है। 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूल रेड जोन, 50 से 80 प्रतिशत तक परिणाम वाले स्कूल येलो जोन और 80 प्रतिशत से अधिक परिणाम वाले स्कूल ग्रीन जोन में शामिल होंगे। विभाग का लक्ष्य कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों का स्तर सुधारने के साथ सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल करना है।
रेड जोन के स्कूलों पर रहेगा विशेष ध्यान, ग्रीन जोन साझा करेंगे सफलता की रणनीति
बैठक में ग्रीन जोन के स्कूल मुखियाओं से उनके विद्यालयों में अच्छे परीक्षा परिणाम हासिल करने के लिए अपनाई गई शिक्षण पद्धतियों और सफल रणनीतियों की जानकारी ली गई। इन तरीकों को अन्य स्कूलों में भी लागू करने पर चर्चा हुई।
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला ने रेड और येलो जोन के स्कूल मुखियाओं को अपने परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेड जोन के स्कूलों को येलो जोन और येलो जोन के स्कूलों को ग्रीन जोन में लाने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने कहा कि मिशन सफलता का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक क्षमता को पहचानकर उसे बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है। कोई भी विद्यार्थी पढ़ाई में पीछे न रहे, इसके लिए स्कूलों को नियमित निगरानी और योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा।
शिक्षकों को दिए ये निर्देश, पिछले 10 साल के प्रश्नपत्रों का करवाना होगा अभ्यास
बैठक में सभी स्कूल मुखियाओं और शिक्षकों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी मजबूत करने के लिए कई निर्देश दिए गए।
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विद्यार्थियों को पिछले 10 वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करवाया जाए।
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कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएं।
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बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए नियमित रूप से सैंपल पेपर हल करवाए जाएं।
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ओपन टेक्स्ट बुक परीक्षा की तर्ज पर लिखित अभ्यास और उत्तर लिखने की क्षमता विकसित की जाए।
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पीयर लर्निंग को बढ़ावा दिया जाए, ताकि विद्यार्थी एक-दूसरे की मदद से अपनी कमजोरियां दूर कर सकें।
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प्रत्येक स्कूल में विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
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विषयवार कमजोरियों की पहचान करके विद्यार्थियों के सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की राज्यस्तरीय मिशन सफलता रणनीति में भी कमजोर स्कूलों के लिए 30 दिन की सुधार योजना, पखवाड़ेवार निगरानी और बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों के अनुभव साझा करने का प्रावधान है। रेड जोन के स्कूलों में डायट अधिकारियों की नियमित विजिट और मार्गदर्शन की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है।
बैठक के अंत में खंड शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार और सभी स्कूल मुखियाओं ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। स्कूलों में नियमित मॉनिटरिंग, अतिरिक्त कक्षाओं और प्रभावी शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से मिशन सफलता को आगे बढ़ाया जाएगा।
