चोपटा। हरियाणा सीमा से सटे गोगामेड़ी के पशु मेले में इस बार नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव खेड़ी का मुर्रा नस्ल का झोटा ‘नवाब’ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पशुपालक अशोक कुमार साहु का यह झोटा अपनी शानदार बनावट, ऊंचे कद और नस्लीय गुणों के कारण मेले में पहुंचे पशुपालकों के बीच चर्चा में है। नवाब ने पशु मेले की प्रमुख प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए गोगामेड़ी चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इसके लिए उसे 15,100 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
नवाब की उपलब्धि की मेला देखने पहुंचे लोगों और मेला प्रबंध कमेटी के आयोजकों ने भी सराहना की। झोटे को देखने के लिए अलग-अलग जगहों से पशुपालक पहुंच रहे हैं और उसकी नस्ल व बनावट के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

दो साल की उम्र में पंजाब से खरीदकर लाए थे
गांव खेड़ी के पशुपालक अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने नवाब को करीब दो साल की उम्र में पंजाब के मोगा से खरीदकर लाया था। इसके बाद उसकी अच्छी देखभाल और खान-पान पर ध्यान दिया गया। अब नवाब की उम्र करीब पांच साल हो चुकी है।
अशोक कुमार के अनुसार नवाब इससे पहले झज्जर जिले के शेरियां में आयोजित पशु प्रतियोगिताओं में दूसरा स्थान हासिल कर चुका है। लगातार प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के चलते उसकी पहचान एक अच्छे मुर्रा झोटे के रूप में बनी है।
देशभर में मुर्रा झोटे के सीमन की मांग
पशुपालक अशोक कुमार ने बताया कि उच्च गुणवत्ता वाले मुर्रा झोटों के सीमन की देशभर में मांग रहती है। इससे पशुपालकों को नस्ल सुधार में मदद मिलती है और बेहतर नस्ल के पशुओं के जरिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि नवाब की मां भी बेहतर दूध उत्पादन के लिए पहचान बना चुकी है। अशोक कुमार के अनुसार उसकी मां ने 24 किलो 650 ग्राम दूध देकर प्रथम स्थान हासिल किया था। इसी वजह से नवाब की नस्लीय क्षमता को लेकर भी पशुपालकों में खास रुचि है।
गोगामेड़ी मेले में नवाब की जीत के बाद गांव खेड़ी के पशुपालक अशोक कुमार की मेहनत और पशुपालन के प्रति उनकी लगन की भी सराहना हो रही है।

