Sirsa Milk Strike 2026Sirsa Milk Strike 2026

सिरसा। हरियाणा में दूध की खरीद-बिक्री और सप्लाई बंद रखने का आह्वान 1 से 3 अक्टूबर तक किया गया है। इसका असर सिरसा में भी देखने को मिल रहा है। दूध के दाम बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर पशुपालक और किसान आज वीटा मिल्क प्लांट के बाहर धरना देने के लिए जुट रहे हैं। सिरसा में हुई जिला स्तरीय बैठक में किसानों, पशुपालकों, दूध विक्रेताओं और डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों ने तीन दिन दूध का कारोबार बंद रखने का फैसला लिया था। बैठक में वीटा, वेरका, सरस और अमूल से भी इन दिनों दूध की गाड़ियां गांवों और शहरों में नहीं भेजने की अपील की गई थी।

सिरसा की बैठक में लिया गया था तीन दिन का फैसला

पशुपालकों का कहना है कि दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है और उसके मुकाबले उन्हें उचित दाम नहीं मिल रहा। इसी को लेकर सिरसा के गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में बैठक हुई थी। इसमें 1, 2 और 3 अक्टूबर को दूध की खरीद-बिक्री रोकने का फैसला लिया गया। आंदोलन से जुड़े लोगों ने प्रदेशभर के पशुपालकों, दूधियों और दूध कारोबार से जुड़े लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

बैठक में यह भी तय किया गया था कि बंद के दौरान दूध बेचने वाले पर 51 हजार रुपये का सामुदायिक जुर्माना लगाने की बात कही गई है। दूध ले जाने वाले वाहनों को रोकने और पकड़े गए दूध को जरूरतमंद बस्तियों में बांटने का भी फैसला बताया गया। ये आंदोलन से जुड़े लोगों के तय किए गए नियम हैं, कोई सरकारी आदेश नहीं हैं।

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वीटा की ओर से कहा गया- सप्लाई जारी रखने की तैयारी

दूसरी ओर सिरसा वीटा मिल्क प्लांट की तरफ से अलग तस्वीर सामने आई है। 30 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक प्लांट प्रबंधन को दूध सप्लाई बंद करने की सूचना मिली है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि कई पशुपालकों से बातचीत चल रही है और कुछ लोग दूध देने की बात कह रहे हैं। सप्लाई प्रभावित होने पर पाउडर से दूध तैयार कर व्यवस्था बनाए रखने की बात भी सामने आई है।

एक अन्य ताजा रिपोर्ट के अनुसार सिरसा वीटा प्लांट में रोजाना करीब 80 हजार लीटर दूध खरीदा जाता है और करीब 20 हजार लीटर दूध बेचा जाता है। ऐसे में तीन दिन के बंद का वास्तविक असर दूध संग्रह और बिक्री पर कितना पड़ता है, यह आज की स्थिति पर निर्भर करेगा।

दूध के रेट और मिलावट दोनों मुद्दों पर आंदोलन

सिरसा में हुई बैठक में दूध के उचित भाव की मांग के साथ नकली और मिलावटी दूध, घी, खोया और पनीर के खिलाफ अभियान चलाने की बात भी सामने आई थी। आंदोलन से जुड़े लोगों ने इसका अभियान पूरे हरियाणा में बढ़ाने की बात कही है।

अगस्त में भी सिरसा में डेयरी किसानों ने वीटा कार्यालय के बाहर लंबित भुगतान और दूध खरीद मूल्य बढ़ाने समेत 11 मांगों को लेकर धरना दिया था। इससे पता चलता है कि दूध के भाव और भुगतान से जुड़े मुद्दे पहले से ही जिले में उठते रहे हैं।

फिलहाल 3 अक्टूबर तक दूध की खरीद-बिक्री और सप्लाई रोकने का आह्वान जारी है। सिरसा में आज वीटा प्लांट के बाहर होने वाले धरने और स्थानीय स्तर पर दूध की आवक-बिक्री की स्थिति पर आगे की तस्वीर साफ होगी।

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