चोपटा, संवाददाता। नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब गांव माखोसरानी के पास से गुजर रही नोहर फीडर नहर में छह सवारियों से भरी एक कार गिर गई। कार में तीन महिलाएं, दो मासूम बच्चे और एक पुरुष सवार थे। समय रहते ग्रामीणों की सूझबूझ और बहादुरी से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले के हिंजरावा गांव निवासी एक परिवार कैरावाली की ओर से नाथूसरी चोपटा आ रहा था। शाम करीब 7:30 बजे माखोसरानी के समीप अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार नहर में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सहायता के लिए प्रयास शुरू किए।
इसी दौरान बाइक से वहां से गुजर रहे डॉ. राजेश कुमार सिद्धू ने घटना को देखा। उन्होंने बिना देर किए ग्रामीणों को आवाज लगाई और बचाव कार्य शुरू करवाया। उनकी पुकार सुनकर रमेश कुमार भाकर, प्रमोद कासनिया और प्रदीप कासनियां मौके पर पहुंचे। चारों ने साहस का परिचय देते हुए नहर में उतरकर कार सवारों को बाहर निकालना शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद तीन महिलाओं, दो बच्चों और चालक को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पर दी गई। एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी चोपटा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। ग्रामीणों की मदद से कार को भी नहर से बाहर निकाल लिया गया।
कार में सवार लोगों में 58 वर्षीय मक्खन सिंह पुत्र गंगाराम, 60 वर्षीय तारो देवी पत्नी सरदारना राम, 62 वर्षीय जीतो बाई पत्नी मक्खन लाल, 24 वर्षीय सुनीता पत्नी भजनलाल, 4 वर्षीय अवेक कुमार तथा 2 वर्षीय आर्यन शामिल थे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि समय पर बचाव कार्य शुरू नहीं होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि डॉ. राजेश सिद्धू की तत्परता और ग्रामीणों की हिम्मत से छह जिंदगियां बच सकीं।
इस सराहनीय कार्य के लिए ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने डॉ. राजेश सिद्धू, रमेश कुमार भाकर, प्रमोद कासनिया और प्रदीप कासनियां को सम्मानित करने की घोषणा की है। वहीं गोविंदम डेयरी की ओर से भी इन सभी को सम्मानित किया जाएगा। क्षेत्र में चारों की बहादुरी की चर्चा हो रही है और लोगों ने इसे मानवता की मिसाल बताया है।
