कुरुक्षेत्र। 41वीं प्रदेश स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में उत्कृष्ट पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से बड़े स्तर पर पुरस्कार वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अलग-अलग नस्लों की मेल व फीमेल चैंपियनशिप में 8 पशुपालकों को कुल 20 लाख रुपये की इनाम राशि प्रदान की। प्रत्येक चैंपियन को अपने वर्ग में 2.50 लाख रुपये का चेक दिया गया।प्रदर्शनी का अहम पहलू यह रहा कि कुल 53 वर्गों में 298 विजेताओं को सरकार की ओर से 50 लाख 20 हजार 600 रुपये की इनाम राशि वितरित की गई।
पानीपत के नरेंद्र की मुर्रा नस्ल का झोटा बना चैम्पियन
हरियाणा पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि मुर्रा नस्ल मेल चैंपियनशिप में पानीपत के गांव बूरसम निवासी नरेंद्र सिंह के मुर्रा नस्ल के भैंसे (झोटे) ने खिताब जीता। वहीं मुर्रा नस्ल फीमेल चैंपियनशिप में हिसार के गांव सिंघवा खास निवासी ईश्वर सिंह की भैंस चैम्पियन बनी। दोनों को 2.50-2.50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।
हरियाणा नस्ल मेल चैंपियनशिप में पानीपत के गांव डिडवानी निवासी नरेंद्र के हरियाणा नस्ल के सांड ने बाजी मारी।
झज्जर, करनाल और अन्य जिलों के पशुपालकों का शानदार प्रदर्शन
हरियाणा नस्ल फीमेल चैंपियनशिप में झज्जर के गांव गवालिशन निवासी अनूप की गाय चैम्पियन रही।साहीवाल नस्ल मेल वर्ग में करनाल के तरावड़ी निवासी अनुज का बैल और फीमेल वर्ग में करनाल के दादूपुर रोडाना निवासी राजबीर की गाय चैम्पियन बनी।एक्सोटिक क्रॉस ब्रीड मेल चैंपियनशिप में गांव सगा निवासी पवन और फीमेल वर्ग में करनाल के गांव गलिबखेड़ी निवासी अक्षदीप का पशु चैम्पियन रहा। सभी को 2.50 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को नकद पुरस्कार
मुर्रा युवा बुल प्रतियोगिता में रोहतक के सन्नी के पशु को प्रथम आने पर 51 हजार रुपये मिले। महेंद्रगढ़ के झौक निवासी इंद्रजीत, रोहतक के भगवतीपुर निवासी रामनिवास, जींद के अलेवा निवासी मोनू, झज्जर के वजीरपुर निवासी प्रदीप कुमार, यमुनानगर के अलहर निवासी गोपाल कृष्ण, कैथल के खरक पांडवा निवासी विक्रम और भिवानी के भवानीखेड़ा निवासी आशीष के पशुओं को विभिन्न श्रेणियों में 21 हजार से 51 हजार रुपये तक के पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पशुधन प्रदर्शनी से न केवल पशुपालकों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि हरियाणा की देसी नस्लों का संरक्षण और संवर्धन भी सुनिश्चित होता है।
कुरुक्षेत्र प्रदेश स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में विजेताओं को पुरस्कार राशि के चेक भेंट करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
