फतेहाबाद, 23 अक्टूबर। नहरों और माइनरों में पानी की बाराबंदी के विरोध में संयुक्त किसान संगठन ने 3 नवंबर को फतेहाबाद के लघु सचिवालय में धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके लिए गुरुवार को नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के कई गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया गया। किसान नेताओं का कहना है कि 16 दिन नहरें बंद रहने के बाद सिर्फ 8 दिन पानी छोड़ने के कारण किसानों को अगली बारी के लिए करीब 40 दिन इंतजार करना पड़ेगा।
गांवों में किया जनसंपर्क
पगड़ी संभाल जट्टा के प्रधान सतीश बैनीवाल, किसान नेता रणधीर जोधकां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा समेत कई लोगों ने गांवों में किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पानी की कमी से फसलों की सिंचाई प्रभावित होगी और ग्रामीणों को पीने के पानी की भी दिक्कत आ सकती है।
जनसंपर्क अभियान खेड़ी, गुसाईआना, राजपुरा साहनी, कुम्हरिया, कागदाना, जसानिया, रामपुरा बगड़ियां, जोगीवाला और चाहरवाला सहित कई गांवों में चलाया गया। किसानों से 3 नवंबर को धरने में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।
सरसों की बिजाई पर खतरा
फतेहाबाद ब्रांच नहर की बंदी से इलाके के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। पहले की खबरों में भी नहर बंद होने से सरसों और चने की बिजाई प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। किसान नेताओं ने कहा कि नहरों में पानी की उपलब्धता बढ़ाई जाए, ताकि रबी की फसलों को नुकसान न हो।amarujala+1
हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने रबी सीजन 2026-27 के लिए टेल बीएमएल सिस्टम की नहरों और रजवाहों का रोटेशनल कार्यक्रम जारी किया है, जो 20 अक्टूबर से 23 मई 2027 तक लागू रहेगा। आधिकारिक जानकारी के लिए हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की वेबसाइट देखी जा सकती है।
