सरसों की खेती पर HAU हिसार की सलाहसरसों की खेती पर HAU हिसार की सलाह

हिसार। हरियाणा में सरसों व राया की बिजाई का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में इस बार अच्छी पैदावार के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है जिसके तहत 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक सरसों व राया की खेती के सबसे सही समय बताया है। 

विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशालय के आनुवंशिकी एवं पौध प्रजनन विभाग के तिलहन अनुभाग ने  किसानों को अच्छी पैदावार लेने के लिए उन्नत किस्मों का चयन करने, खेत की उचित तैयारी, बीज उपचार, बिजाई के सही समय और खाद एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, सरसों की अच्छी पैदावार के लिए केवल सही समय पर बिजाई करना ही काफी नहीं है। समय के साथ बीज की सही मात्रा, कतारों के बीच उचित दूरी और फसल की शुरुआती अवस्था में सही प्रबंधन भी जरूरी है।

सरसों की उन्नत किस्मों का करें चयन

विश्वविद्यालय की सलाह के अनुसार, जिन खेतों में सिंचाई की अच्छी व्यवस्था है उनके लिए किसान RH-725, RH-1706, RH-1975 और RH-30 किस्मों का चयन कर सकते हैं।

वहीं, जहां पानी की कम व्यवस्था है या बारानी खेतों के लिए RH-725, RH-1424 और RH-761 किस्में लगाई जा सकती हैं।

जो किसान इस बार RH-1706 किस्म की बिजाई करना चाहते हैं, अच्छी पैदावार और तेल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरसों की किसी भी अन्य किस्म से कम से कम 150 मीटर की दूरी रखें।

खेत की तैयारी कैसे करें?

सरसों के बीज का अच्छा अंकुरण सुनिश्चित करने के लिए खेत को अच्छी तरह तैयार करना चाहिए। जहां खेतों में अच्छी सिंचाई होती है उन क्षेत्रों में मिट्टी पलटने वाले हल का उपयोग करने से पहले 2 से 3 बार देसी हल, हैरो या कल्टीवेटर से जुताई करके सुहागा अवश्य लगाएं।

सरसों की बिजाई के लिए बीज की सही मात्रा

विश्वविद्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार सरसों की बिजाई के लिए सिंचाई वाले क्षेत्र और बारानी क्षेत्र के लिए बीज की मात्रा अगल-अलग बताई है जो इस प्रकार है:

सिंचाई वाले क्षेत्र के लिए: 1 किलोग्राम बीज प्रति एकड़।

कम सिंचाई एवं बारानी वाले क्षेत्र के लिए : 1.25 किलोग्राम (सवा किलोग्राम) बीज प्रति एकड़।

बिजाई करते समय कतार से कतार की दूरी 45 सेंटीमीटर अवश्य रखें। बुवाई के लिए साफ, स्वस्थ, रोगमुक्त और प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें।

सरसों की बिजाई का सही समय

विश्वविद्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार अच्छी पैदावार के लिए सरसों की बिजाई के लिए 20 अक्टूबर तक का समय उपयुक्त रहता है। हालांकि, किसान पूरे अक्टूबर माह के दौरान भी बिजाई कर सकते हैं। किसानों को बिजाई के लिए समय के साथ-साथ मौसम का ध्यान भी रखना जरूरी है। 

बिजाई के समय दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। इसके अलावा, बिजाई के समय अगले 5 से 6 दिनों तक बारिश की आशंका नहीं होनी चाहिए और खेत में अधिक नमी नहीं रहनी चाहिए।

तना गलन रोग से बचाव के लिए करें बीज उपचार

पिछले काफी समय से कुछ क्षेत्रों में सरसों की फसल को तना गलन रोग से काफी किसानों को नुकसान हुआ है ऐसे में इस बार रोग से फसल को बचाने के लिए किसानों को बिजाई से पहले बीज उपचार करना जरूरी है।

किसान बिजाई से पहले प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम से सूखा बीज उपचार करें।

बुवाई के लिए साफ, स्वस्थ, रोगमुक्त और प्रमाणित बीज का ही प्रयोग करें। बीज उपचार से संबंधित किसी भी कृषि रसायन का उपयोग करते समय उत्पाद के लेबल और कृषि विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

प्रति एकड़ कितनी खाद और उर्वरक डालें?

विश्वविद्यालय की सलाह के अनुसार, किसान बिजाई के समय 2 तरीकों से खाद एवं उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं।

पहला तरीका: यूरिया 35 किलोग्राम प्रति एकड़। सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP): 75 किलोग्राम प्रति एकड़ और म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) 14 किलोग्राम प्रति एकड़ डाल सकते है। 

दूसरा विकल्प: किसान बिजाई के समय प्रति एकड़ 30 किलोग्राम यूरिया और 25 किलोग्राम डीएपी (DAP) भी डाल सकते हैं।

जिंक और गंधक की कमी दूर करने के लिए सुझाव

यदि खेत की मिट्टी में जिंक की कमी है, तो अंतिम जुताई से पहले प्रति एकड़ 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट खेत में बिखेरकर जुताई कर दें। इसके अलावा फसल में फास्फोरस और गंधक की कमी को पूरी करने के लिए सिंगल सुपर फॉस्फेट के उपयोग भी कर सकते है, क्योंकि इसमें 12 प्रतिशत गंधक होती है।

यदि फास्फोरस की पूर्ति के लिए डीएपी का प्रयोग करना है, तो बिजाई से पहले की जुताई के समय या बिजाई से पूर्व सिंचाई के समय प्रति एकड़ 2 कट्टे (100 किलोग्राम) जिप्सम अथवा 12 किलोग्राम बेंटोनाइट सल्फर देने की सलाह दी गई है।

अधिक जानकारी के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क

सरसों व राया की खेती, उन्नत किस्मों, बीज उपचार तथा खाद एवं उर्वरकों से संबंधित किसी तरह की अधिक जानकारी के लिए किसान निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

9467432742

9992385833

8569942532

9068660058

नोट: खाद, उर्वरक और बीज उपचार की मात्रा का पालन करने से पहले अपने खेत की मिट्टी, फसल की किस्म और विश्वविद्यालय की नवीनतम आधिकारिक सिफारिश के अनुसार पुष्टि कर लें।

 

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