पैंतालिसा क्षेत्र में बारिश होने से फसलों को फायदा, गर्मी से राहत, किसानों के चेहरे खिले
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चोपटा। पैंतालिसा क्षेत्र में 2 दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से देशी कपास व बीटी नरमे की फसल को संजीवनी मिली, वहीं लोगों को गर्मी से भी निजात मिली है। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बार चोपटा खंड में इस समय तक करीब 22000 हेक्टेयर में देसी कपास व बीटी नरमे की बिजाई की जा चुकी है। किसान महेंद्र सिंह, शिव शंकर, राकेश कुमार, जगदीश, राम कुमार ने बताया कि इस समय हो रही हल्की बारिश से सावनी की फसल को काफी फायदा होगा।
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किसानों का कहना है कि पिछले कई दिनों से धूल भरी आंधी चल रही थी जिसकी वजह फसलो को काफी नुकसान हो रहा था। अब जो बारिस हुई है इससे धूल मिटी के साथ साथ गर्मी से भी निजात मिली है। अब किसानों को फसल का उत्पादन भी बंपर होने की उम्मीद बढ़ गई है। राजस्थान की सीमा से सटे पैतालिसा क्षेत्र के कागदाना, कुम्हारिया, खेड़ी, चाहरवाला, रामपूरा नवाबाद, जसानियां, राजपुरा साहनी, गुसाई आना, बकरियांवाली, गुड़िया खेड़ा, माधोसिंघाना, ढूकड़ा, सहित कई सहित कई गांवों में हल्की बारिश हुई। गौरतलब हैै कि ये गांव नहरों के अंतिम छोर पर पडऩे के कारण इन गांवों की अधिकतर जमीन बिरानी है तथा सावनी की फसल मानसून की बारिश पर आधरित होती है। किसानों ने बीटी नरमें व देशी कपास की बिजाई तो कर दी। लेकिन नहरी पानी के अभाव के कारण उसमें सिंचाई नहीं हो पा रही थी। किसानों का कहना है कि बारिश फसलों के लिए तो फायदेमंद है। बारिश होने से फसलों की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनके डीजल का खर्च बच जाएगा। बारिश से फसलों का उत्पादन भी बेहतर होगा। किसानों का कहना है कि अभी तक हल्की बारिश हुई है और ज्यादा बारिश होने पर बिरानी जमीन में ग्वार बाजरे की भी बिजाई की जा सकेगी।


