Sirsa news चोपटा। ऐलनाबाद हल्के के बड़े गांवों में शुमार गांव जमाल में पेयजल की कमी से त्राहि त्राहि मची हुई है।
करीब 15000 की आबादी वाले गांव के जल घर में की डिग्गियां खाली पड़ी है और ग्रामीण खरीद कर पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रति टैंकर के हिसाब से 1000 से 1300 रुपए वसूले जा रहे हैं, वह भी नहरों से भरकर ले जाते हैं जिनमें पानी गंदा और दूषित होता है। जिससे गांव में बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव जमाल के नजदीक की नहरो में पानी नहीं है टैंकर चालक करीब 15 किलोमीटर दूर से पानी लेकर आ रहे हैं। जिससे वह किराया भी अधिक वसूल रहे हैं। राजस्थान की सीमा पर बसे हरियाणा के 15000 की आबादी और 20 वार्डों वाले गांव जमाल में पिछले 15 -20 दिनों से पेयजल कील्लत को लेकर ग्रामीणों में को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण विक्रम शर्मा, देवीलाल, संदीप कुमार, अशोक कुमार ने बताया कि गांव के जल घर में बनी चार डिग्गियां खाली पड़ी है, जिससे पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है। पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। गांव में टैंकर चालक 1000 से 1300 रुपए वसूल करते हैं और वह भी आसपास से गुजरने वाली नहरों से गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
इन्होंने बताया कि जमाल सिरसा जिले के बड़े गांव में शुमार है और आबादी को देखते हुए इस भयंकर गर्मी में पानी की कमी हो गई है। बताया कि पिछले कई दिनों से नहरों में पानी नहीं पहुंचने के कारण जहां एक और फसलें बिजाई नहीं हो रही है वहीं जल घर में पीने के पानी की समस्या विकराल बनी हुई है। गांव से जल घर से पीने के पानी की सप्लाई नहीं हो रही है।
जरूरत का पानी पीने के लिए ग्रामीण टैंकरों से पानी डलवा रहे हैं। जो कि टैंकर चालक एक टैंकर का 1000 से अधिक रुपए वसूल कर रहे हैं। और वह भी नहरों या रजवाहो से गंदा पानी उठाया जाता है जिससे गांव में जलजनित बीमारियां फैलने का भी डर बना हुआ है।
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गौरतलब है कि अगस्त 2023 में पीने के पानी की समस्या को लेकर गांव के दो ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गये थे। एक सप्ताह के बाद अधिकारियों द्वारा आश्वासन देने के बाद ग्रामीण टंकी से नीचे उतरे थे।
