गांव जोड़कियां से सैकड़ों किसानों ने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टर-ट्राली व सामग्री लेकर किया दिल्ली कूच
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चौपटा । केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में चौपटा क्षेत्र के गांव जोडकिया से सैकड़ों किसानों का जत्था ट्रैक्टर ट्राालियों के साथ सामग्री सहित रवाना हुआ। रवाना होने से पहले किसानों ने सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की और तीनों कृषि काले कानून वापस लेने की मांग की । किसान रोहतास, सतपाल देहड़ू, सुशील डूडी सहित कई किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों से किसान पूंजीपति घरानों का गुलाम हो जाएगा। इनका कहना है कि जब तक सरकार तीनों कृषि काले कानून वापस नहीं लेगी तब तक वह दिल्ली से बॉर्डर से लौट कर नहीं आएंगे ।
फोटो। गांव जोडकिया से किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली बॉर्डर जाने के लिए रवाना होते किसान
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राष्ट्रीय किसान आंदोलन के समर्थन में गांव कागदाना व गिगोरानी में ग्रामीणों का धरना जारी, धरना स्थल पर दिनों दिन बढ़ने लगी किसान समर्थकों की संख्या
चोपटा। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए खंड के गांव कागदाना व गिगोरानीें के बस स्टैंडों पर किसानों ने धरना जारी रखा हुआ है। 1 सप्ताह से चल रहे धरना स्थल पर किसान आंदोलन समर्थकों की संख्या बढ़ने लगी है। किसानों द्वारा लगातार सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं और तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की जा रही है। किसानों ने इस दौरान कहा कि जब तक तीनों कृषि काले कानून वापस नहीं लिए जाएंगे तब तक वे धरना जारी रखेंगे। किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए। गिगोरानी के बस स्टैंड पर अनिश्चित कालीन धरने में ग्रामीण युवा किसान मोर्चा के अध्यक्ष रोहताश कुमार बांदर, बजरंग साहू, प्रभु राम बैनीवाल, कोक चंद, कृष्ण कुमार, दलबीर सिंह, लीलू राम सहारण, रणधीर सिंह सहारण मुकेश कुमार पवन सहारण, केहर सिंह मलिक, लेख राम भारी, जितेंद्र बैनीवाल, रूसी श्योराण, रणजीत बैनीवाल, महावीर बैनीवाल, सुबे सिंह, रणधीर, प्रताप, विजय सिंह, बनवारी लाल आदि किसानों ने धरनास्थल पर कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक तीनों किसी काले कानून वापस नहीं लिए जाएंगे तब तक वह अपना धरना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि तानाशाही के खिलाफ हर गांव गांव में आवाज बुलंद की जाएगी। सरकार को तुरंत प्रभाव से तीनों कृषि कानून वापस लेना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। गांव कागदाना के बस स्टैंड पर भी किसानों ने धरना जारी रखा हुआ है जहां पर धरने में किसानों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है।


