विधि विधान से हुआ होलिका दहन, देखने के लिए उमड़े लोग महिलाओं ने निभाई पारंपरिक रस्में हरियाणा में में सुबह से ही महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में होलिका की पूजा-अर्चना की और देर शाम विधि-विधान से होलिका दहन किया गया।
‘भक्त प्रहलाद’ के जयकारों के बीच बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। लोगों ने जलती होलिका में अनाज अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
कई स्थानों पर महिलाओं ने सुबह से ही होलिका माता की पूजा की तैयारी शुरू कर दी थी। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने रोली, अक्षत और मौसमी अन्न के साथ पूजा संपन्न की। मान्यता के अनुसार, होलिका दहन से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है
विधि-विधान से हुआ दहन
कालांवाली के खुह वाला बाज़ार में देर शाम शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे। पूजा-पाठ के बाद अग्नि प्रज्वलित की गई और श्रद्धालुओं ने जलती होलिका की परिक्रमा की।
इस दौरान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार भी किया गया। इस अवसर पर सीए राजकुमार आर्य ,रवि सागर ,मदनलाल गर्ग, अश्विनी शास्त्री, पार्षद सुभाष शर्मा, नंदन जैन, सुखराम फत्ते वाले, डॉ भूषण गर्ग सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
जलती अग्नि में अर्पित किया अन्न
होलिका दहन के दौरान लोगों ने गेहूं और अन्य अनाज अग्नि में अर्पित किए। इसे आने वाले वर्ष में अच्छी फसल और पारिवारिक खुशहाली की कामना से जोड़ा जाता है। होलिका दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और पर्व की बधाई दी।
जयकारों से गूंजा माहौल
कार्यक्रम के दौरान ‘होलिका माता की जय’ और ‘भक्त प्रहलाद की जय’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
4 मार्च को मनाई जाएगी होली
4 मार्च को रंगों का पर्व होली मनाया जाएगा, जिसके लिए बाजारों और घरों में तैयारियां भी जोरों पर हैं।
