नई दिल्ली/वडोदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देशवासियों से एक बहुत ही अहम और बड़ी अपील की है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने, वर्क फ्रॉम होम को फिर से अपनाने और फिलहाल सोने की खरीदारी टालने का आग्रह किया है। यह अपील देश और दुनिया के मौजूदा गंभीर हालात को देखते हुए की गई है।
रविवार को तेलंगाना में जनसभा को संबोधित करने के बाद, सोमवार को गुजरात के वडोदरा में भी पीएम मोदी ने यही संदेश दोहराया। वडोदरा के अनखोल में सरदारधाम प्रोजेक्ट और हॉस्टल के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने साफ किया कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, हमें छोटे लेकिन असरदार कदम उठाने होंगे।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे भयंकर युद्ध और तनाव का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो पश्चिम एशिया का मौजूदा संघर्ष इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बन चुका है। इस युद्ध का असर पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था पर भी सीधा पड़ रहा है।
भारत अपनी जरूरत का बहुत बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और विदेशी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी दोहरे संकट को देखते हुए पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है।
पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने लोगों से कार पूलिंग का इस्तेमाल करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो में सफर करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने दफ्तरों में वर्चुअल मीटिंग्स करने और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने को कहा है। स्कूलों से भी ऑनलाइन क्लास शुरू करने पर विचार करने का आग्रह किया गया है।
विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने की भी अपील की है। उनका कहना है कि सोने के भारी आयात में देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश चला जाता है, जिसकी फिलहाल कोई तुरंत जरूरत नहीं है। इस पैसे और विदेशी मुद्रा को बचाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग करने के बजाय भारत में ही शादी समारोह आयोजित करने की सलाह दी है। उन्होंने वोकल फॉर लोकल को एक जन-आंदोलन बनाने की जरूरत बताई ताकि विदेशी सामानों पर हमारी निर्भरता पूरी तरह खत्म हो सके और स्थानीय व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिले।
स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों का जिक्र करते हुए पीएम ने खाने के तेल का इस्तेमाल भी सीमित करने की बात कही है। देश के किसानों से भी अपील की गई है कि वे रासायनिक खादों का इस्तेमाल आधा कर दें और प्राकृतिक खेती की तरफ अपने कदम बढ़ाएं। पीएम मोदी ने भरोसा जताया है कि जैसे पूरे देश ने मिलकर कोरोना को हराया था, वैसे ही इस जनभागीदारी से हम इस वैश्विक संकट से भी पार पा लेंगे।
