सिरसा, हरियाणा के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। फसल विविधिकरण राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिला सिरसा में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को ढेंचा बीज पर अनुदान दिया जा रहा है।
जो किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे 25 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को फसल.हरियाणा.जीओवी.इन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा।
इसके बाद किसान स्वयं खुले बाजार से हरी खाद हेतु ढेंचा बीज, दालें जैसे—
मूंग
उड़द
लोबिया
मोठ
अरहर
सोयाबीन
ग्वार
खरीद सकते हैं और उनकी बिजाई कर सकते हैं।
खेत की फोटो अपलोड करना जरूरी
बिजाई के बाद किसानों को “मेरी फसल-मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर बोए गए ढेंचा या अन्य हरी खाद वाली फसल के खेत की फोटो अपलोड करनी होगी।
इसके बाद विभाग के अधिकारी खेतों में जाकर सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद किसानों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में राशि भेजी जाएगी।
हरी खाद क्यों है फायदेमंद?
डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि हरी खाद सबसे अच्छी और कम लागत वाली खाद मानी जाती है। इसके उपयोग से—
मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है
भूमि की जल धारण क्षमता मजबूत होती है
जैविक, रासायनिक और भौतिक सुधार होता है
रासायनिक खाद पर खर्च कम होता है
इससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी भूमि की उर्वरता शक्ति को बढ़ाने के लिए हरी खाद का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी खंड कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
