भिवानी, 6 सितंबर। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा ओपन स्कूल की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी फ्रैश कैटेगरी परीक्षा मार्च-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। परीक्षार्थी 4 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक बोर्ड की वेबसाइट पर 3,500 रुपये शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक 1,500 रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन का मौका मिलेगा। 12वीं में अतिरिक्त विषय देने वाले विद्यार्थियों को 400 रुपये प्रति विषय अलग से जमा कराने होंगे। बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ और सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने बताया कि आवेदन में परीक्षा माध्यम का चयन, APAAR आईडी और अध्ययन केंद्र भरना अनिवार्य है। आवेदन पूरा होने के बाद इसकी सूचना दर्ज ई-मेल आईडी पर भेजी जाएगी तथा दस्तावेज चुने गए अध्ययन केंद्र पर जमा कराने होंगे। मुक्त विद्यालय के विद्यार्थियों को 4 सितंबर से 28 फरवरी तक रविवार को होने वाली कक्षाओं में कुल 20 दिन उपस्थित रहना होगा। 10वीं में इस सत्र से छह अनिवार्य विषय और एक वैकल्पिक विषय लेना होगा।
हरियाणा ओपन स्कूल 10वीं और 12वीं में फ्रेश एडमिशन की पात्रता क्या है?
हरियाणा ओपन स्कूल की 10वीं फ्रैश कैटेगरी में प्रवेश के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं है। आयु प्रमाण के लिए मान्यता प्राप्त स्कूल का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, नगर निकाय का जन्म प्रमाण-पत्र या विशेष स्थिति में सरकारी अस्पताल का मेडिकल प्रमाण-पत्र लगाया जा सकता है।
12वीं फ्रैश कैटेगरी के लिए उम्मीदवार का हरियाणा बोर्ड अथवा बोर्ड से मान्य किसी अन्य बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है। 10वीं पास करने और 12वीं परीक्षा में बैठने के वर्ष के बीच कम से कम डेढ़ वर्ष का अंतर होना चाहिए।
12वीं के लिए 10वीं में अंग्रेजी विषय पास होना भी जरूरी है। अंग्रेजी में असफल अभ्यर्थी को ओपन स्कूल प्रणाली से 10वीं का अंग्रेजी विषय अलग आवेदन के जरिए पास करना होगा।
फ्रैश कैटेगरी और सीटीपी में क्या अंतर है, दूसरे बोर्ड में फेल छात्र क्या कर सकते हैं?
फ्रैश कैटेगरी उन विद्यार्थियों के लिए है जो हरियाणा ओपन स्कूल से पहली बार 10वीं या 12वीं की पूरी परीक्षा देना चाहते हैं। इसमें बोर्ड की तय विषय-योजना और पात्रता के अनुसार पंजीकरण होता है।
सीटीपी यानी क्रेडिट ट्रांसफर पॉलिसी उन परीक्षार्थियों से जुड़ी व्यवस्था है, जिन्होंने पहले किसी बोर्ड से परीक्षा दी हो और कुछ विषयों का क्रेडिट नियमों के अनुसार इस्तेमाल करना चाहते हों। दूसरे बोर्ड में फेल या अधूरे परिणाम वाले विद्यार्थी सीटीपी का लाभ ले सकते हैं या नहीं, यह उनके पूर्व परिणाम, विषय और बोर्ड के परीक्षा नियमों पर निर्भर करेगा।
इसलिए ऐसे विद्यार्थी आवेदन से पहले अपने पुराने बोर्ड की मार्कशीट, असफल विषयों की जानकारी और क्रेडिट ट्रांसफर की पात्रता बोर्ड/अध्ययन केंद्र से मिलाएं। हर असफल विद्यार्थी स्वतः सीटीपी के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।
क्या हरियाणा ओपन स्कूल की 10वीं-12वीं मार्कशीट सरकारी नौकरी, कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मान्य है?
हरियाणा ओपन स्कूल परीक्षा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से संचालित होती है। बोर्ड से प्राप्त 10वीं और 12वीं की योग्यता के आधार पर आगे की पढ़ाई, सरकारी भर्ती या प्रतियोगी परीक्षा में पात्रता संबंधित संस्थान अथवा भर्ती एजेंसी की अधिसूचना से तय होगी।
सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवार को संबंधित भर्ती की शैक्षणिक योग्यता, विषय शर्त, न्यूनतम अंक और अन्य नियम जरूर देखने होंगे। पुलिस, सेना, रेलवे, क्लर्क या अन्य पदों में केवल 10वीं/12वीं पास होना पर्याप्त है या किसी खास विषय की जरूरत है, इसका निर्णय भर्ती विज्ञापन करेगा।
इसी तरह कॉलेज, यूनिवर्सिटी, नीट, जेईई या अन्य प्रवेश परीक्षाओं में दाखिले के लिए परीक्षा की अलग पात्रता लागू होती है। 12वीं में लिए गए विषय—विशेषकर विज्ञान, गणित या जीव विज्ञान—उस प्रवेश परीक्षा के नियमों के अनुरूप होने चाहिए।
हरियाणा ओपन स्कूल में कितने विषय चुनने होते हैं, क्या साइंस-कॉमर्स-आर्ट्स और प्रैक्टिकल विषय ले सकते हैं?
हरियाणा बोर्ड ने सत्र 2026-27 से ओपन 10वीं में त्रि-भाषाई सूत्र लागू किया है। अब परीक्षार्थी को छह अनिवार्य विषयों के साथ एक वैकल्पिक विषय का चयन करना होगा।
12वीं में विषय चयन करते समय विद्यार्थी को आगे की पढ़ाई अथवा नौकरी की जरूरत ध्यान में रखनी होगी। साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स से जुड़े विषयों की उपलब्धता, प्रैक्टिकल विषयों की शर्तें और अध्ययन केंद्र की सुविधा एक जैसी नहीं हो सकती।
जिन विषयों में प्रैक्टिकल है, उनकी परीक्षा बोर्ड की तय तिथि और केंद्र पर होगी। प्रैक्टिकल विषय चुनने से पहले अध्ययन केंद्र से यह पुष्टि करना जरूरी है कि संबंधित विषय वहां उपलब्ध है और प्रैक्टिकल की व्यवस्था की गई है या नहीं।
री-अपीयर, कम्पार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट के कितने मौके मिलते हैं?
री-अपीयर, कम्पार्टमेंट, पार्शियल इम्प्रूवमेंट और फुल इम्प्रूवमेंट की पात्रता बोर्ड के परीक्षा नियमों के अनुसार अलग-अलग होती है। इनमें विद्यार्थी की पहले की परीक्षा, परिणाम, विषय और आवेदन श्रेणी देखी जाती है।
पार्शियल इम्प्रूवमेंट में सीमित विषयों के अंक सुधारने की व्यवस्था हो सकती है, जबकि फुल इम्प्रूवमेंट में बोर्ड के नियमों के अनुसार पूरी परीक्षा या तय विषयों में दोबारा बैठना पड़ सकता है। इसके लिए फ्रैश कैटेगरी का फॉर्म भरना सही विकल्प है या अलग इम्प्रूवमेंट श्रेणी, यह आवेदन से पहले स्पष्ट कर लेना चाहिए।
हरियाणा ओपन बोर्ड का रिजल्ट, मार्कशीट और नाम-सुधार कैसे होता है?
हरियाणा ओपन स्कूल परीक्षा का रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट bseh.org.in पर जारी किया जाता है। परिणाम देखने के लिए सामान्यतः रोल नंबर और अन्य मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होती है। रोल नंबर न मिलने की स्थिति में परीक्षार्थी अपने अध्ययन केंद्र या बोर्ड के संबंधित कार्यालय से संपर्क कर सकता है।
मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, नाम, पिता के नाम अथवा जन्मतिथि में सुधार और री-चेकिंग से जुड़े आवेदन की अलग समय-सीमा रहती है। बोर्ड द्वारा परिणाम जारी करने के बाद इन सेवाओं के लिए नोटिस जारी किया जाता है। इसलिए परीक्षार्थी को आवेदन के समय अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल सही भरना चाहिए, ताकि बोर्ड की सूचना सीधे मिल सके।

