नाथूसरी चौपटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी चौपटा में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों में विकासात्मक देरी की जल्द पहचान और जरूरी मदद को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और व्यवहार से जुड़े विकास पर नजर रखने, देरी के संकेत पहचानने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सेवाओं के लिए रेफर करने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. ललित और डॉ. सिद्धार्थ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया कि बच्चों में उम्र के हिसाब से अलग-अलग विकासात्मक पड़ाव आते हैं। इन पड़ावों की जानकारी होने से बच्चों के विकास में हो रही देरी को शुरुआती स्तर पर पहचाना जा सकता है।
चिकित्सकों ने कहा कि यदि किसी बच्चे का विकास उसकी उम्र के अनुसार नहीं हो रहा है तो उसकी पहचान समय रहते करना जरूरी है। शुरुआती पहचान के बाद बच्चे को जरूरत के अनुसार उचित सलाह और सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।
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शिविर में बच्चों में विकासात्मक देरी के संभावित संकेतों की पहचान के बारे में भी जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया गया कि बच्चों के विकास पर नियमित नजर रखें और किसी तरह की चिंता होने पर अभिभावकों को सही जानकारी दें।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि जरूरत पड़ने पर बच्चे को चिकित्सकीय जांच और संबंधित सेवाओं के लिए रेफर करने की प्रक्रिया क्या होगी। इसका मकसद बच्चों को समय पर जरूरी सहायता तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम में सुपरवाइजर अनिता बैनीवाल, दीपिका सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को बच्चों के विकास पर लगातार नजर रखने और विकासात्मक समस्याओं की जल्द पहचान करने के लिए जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य फोकस 0 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चों में विकास से जुड़ी किसी भी देरी को शुरुआती स्तर पर पहचानना और जरूरत के अनुसार उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना रहा।

