प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करने के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की है। उन्होंने कहा कि पहले छोटे किसानों को छोटे-छोटे खर्चों के लिए साहूकारों के दरवाजे पर जाना पड़ता था और फसल का बड़ा हिस्सा ब्याज में चला जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की इस पीड़ा को समझा और यह शुरुआत की। शुरुआत में विपक्ष ने इसे छोटी राशि बताकर इसका विरोध किया था, लेकिन आज सात साल बाद यह विश्व की सबसे बड़ी डीबीटी योजनाओं में से एक बन चुकी है और अब तक चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में जा चुकी है।
9.34 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 18,690 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रधानमंत्री के एक बटन दबाने से देश के 9.34 करोड़ किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये पहुंचेंगे, जिसमें हरियाणा के 16 लाख 23 हजार किसानों के खातों में 324 करोड़ रुपये और भिवानी के 1.21 लाख किसानों के खातों में 24.30 करोड़ रुपये आएंगे।
भिवानी की धरती को किसान, पहलवान और नेकीराम की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार बीज से बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जो 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदता है और भावांतर भरपाई योजना भी चला रहा है। इसके अलावा, पिछले 12 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं के मुआवजे के रूप में 16 हजार 160 करोड़ रुपये दिए गए हैं और नकली बीज व कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ कड़े कानून बनाए गए हैं।
गन्ना भाव और प्राकृतिक खेती पर भी बड़ा ऐलान
गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैन बताया कि गन्ने का भाव इस सत्र के लिए बढ़ाकर 430 रुपये और अगले सत्र के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जिससे किसानों की आय में प्रति एकड़ वृद्धि होगी।
रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से बचने और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गाय के पालन के लिए 30 हजार रुपये सब्सिडी, अनाज भंडारण के लिए 3 हजार रुपये और तीन साल तक प्रति एकड़ 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। पूरे मोरनी ब्लॉक में प्राकृतिक खेती का समझौता हुआ है, जिसके तहत इन किसानों की फसलें बाजार भाव से 10 प्रतिशत ज्यादा कीमत पर खरीदी जाएंगी।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सौर ऊर्जा पंपों पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है और हरियाणा में लगभग 2 लाख सोलर पंप लगाए जा चुके हैं। पराली प्रबंधन के लिए सरकार ने एक लाख 11 हजार उपकरण और एक हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है, जिसके चलते इस बार किसानों ने पराली नहीं जलाई और पर्यावरण संरक्षण में पूरा साथ दिया है। अंत में, आने वाले एक नवंबर को हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों को पानी की एक-एक बूंद बचाने और कृषि में आधुनिक तकनीक व एआई का लाभ उठाने का संकल्प दिलाया।
किस्त न मिलने पर क्या करें
अगर किसी किसान को 24वीं किस्त नहीं मिली है, तो वे pmkisan.gov.in पर ‘Know Your Status’ में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्थिति चेक कर सकते हैं। ई-केवाईसी पूरी न होने या बैंक खाता आधार से लिंक न होने पर किस्त रुक सकती है। किसान भुगतान स्थिति, बैंक का नाम और यूटीआर नंबर पोर्टल पर देख सकते हैं ।
