सिरसा, 11 अक्टूबर। जिले के नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के गांव शाहपुरिया की रितु ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से स्वरोजगार की राह बनाई है। कभी सिलाई का काम करने वाली रितु आज अपना मनियारी और कपड़ों का स्टोर चला रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया और अब उनकी औसत सालाना आय करीब 2 लाख रुपये है। रितु की इस कामयाबी ने उन्हें लखपति दीदी के रूप में पहचान दिलाई है।
स्वयं सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का मौका
रितु वर्ष 2019 में एकता महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। इससे पहले वह मुख्य रूप से सिलाई का काम करके अपनी आजीविका चलाती थीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नियमित बचत करने, दूसरी महिलाओं के साथ मिलकर काम करने और स्वरोजगार शुरू करने का मौका मिला।
रितु को शुरुआत में 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिली। इसके बाद क्लस्टर संगठन से 50 हजार रुपये और बैंक से 20 हजार रुपये का ऋण मिला। इस पैसे से उन्होंने अपना मनियारी स्टोर शुरू किया। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ाया और मनियारी के सामान के साथ कपड़ों की बिक्री भी शुरू कर दी।
सालाना करीब 2 लाख रुपये की आय
आज रितु अपने स्टोर के जरिए औसतन सालाना करीब 2 लाख रुपये कमा रही हैं। इस काम से उनकी आजीविका को सहारा मिला है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिली है। स्वयं सहायता समूह से मिले सहयोग ने उन्हें अपना काम शुरू करने और आगे बढ़ाने का अवसर दिया।
दूसरी महिलाओं को भी कर रही हैं प्रेरित
रितु अपनी कामयाबी को सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। वह दूसरी महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और अपना काम शुरू करने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिले तो वे भी अपनी आमदनी बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
रितु ने बताया कि पहले वह केवल सिलाई का काम करती थीं और जरूरत के समय आर्थिक मदद मिलना आसान नहीं था। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। आज उनका अपना मनियारी स्टोर है और वह दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

