नोहर, 30 सितंबर 2026। हनुमानगढ़ जिले के नोहर में ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में मावा और घी के दो नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। दोनों नमूने 25 अगस्त 2026 को लिए गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने दोनों संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य रजिस्ट्रेशन/लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, घी के मामले में संबंधित निर्माण इकाई को उस बैच के उत्पाद की बिक्री तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग अब दोनों मामलों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), नोहर के समक्ष कानूनी कार्रवाई करेगा।
भवानी मिष्ठान भंडार से लिया था मावा का नमूना
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 25 अगस्त को साहवा रोड स्थित भवानी मिष्ठान भंडार से मावा का नमूना लिया था। प्रयोगशाला जांच में यह नमूना असुरक्षित पाया गया।
दूसरा नमूना रानी बाजार स्थित न्यू श्री चंदगीराम मिष्ठान भंडार से लिया गया था। यह मनुवन ब्रांड घी का नमूना था। इसकी जांच रिपोर्ट भी असुरक्षित आई है।
राजस्थान में त्योहारी सीजन को देखते हुए दूध, मावा, मिठाई, पनीर, घी और खाद्य तेलों की जांच पर विभाग पहले से जोर दे रहा है। अगस्त में राज्यभर में इसी अभियान के तहत बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूने लिए गए थे।
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घी के संबंधित बैच की बिक्री रोकने के निर्देश
घी के नमूने के असुरक्षित पाए जाने के बाद विभाग ने संबंधित निर्माण इकाई को उस बैच के उत्पाद की बिक्री और आगे की आपूर्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद संबंधित बैच का घी बाजार में आगे नहीं पहुंचने देना है।
दोनों प्रतिष्ठानों के खाद्य रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके बाद मामलों में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई होगी।
CJM नोहर के सामने होगी आगे की कार्रवाई
विभाग दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ CJM नोहर के समक्ष कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा से जुड़े तय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या उसकी गुणवत्ता को लेकर शक हो तो विभाग को इसकी सूचना दें, ताकि नमूना लेकर जांच और जरूरी कार्रवाई की जा सके।

