चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बिना हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास किए पढ़ा रहे करीब 25 हजार शिक्षकों के लिए बड़ा बदलाव हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शिक्षकों को अब अपने पढ़ाए जाने वाले विषय या स्तर के अनुसार HTET पास करना होगा। इसके लिए अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में HTET पास नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त करने या अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि, सभी शिक्षकों पर यह नियम एक जैसा लागू नहीं होगा। 1 सितंबर 2025 को जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा था, उन्हें HTET से छूट दी गई है। वे सामान्य रूप से अपनी सेवानिवृत्ति तक नौकरी कर सकेंगे, लेकिन आगे पदोन्नति नहीं मिलेगी। प्रमोशन के लिए संबंधित विषय का HTET पास करना अनिवार्य होगा।
किन शिक्षकों को HTET पास करना होगा?
निदेशालय के निर्देश के अनुसार, 1 सितंबर 2025 को जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से ज्यादा समय बाकी था, उनके लिए HTET अनिवार्य किया गया है। ऐसे शिक्षकों को जिस विषय या स्तर पर वे पढ़ा रहे हैं, उसके अनुसार पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।
इसमें प्राथमिक शिक्षक (PRT), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) स्तर से जुड़े शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों को अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करनी होगी।
पांच साल से कम सेवा वाले शिक्षकों को क्या राहत?
जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बाकी था, उन्हें HTET पास करने से छूट दी गई है। ऐसे शिक्षक मौजूदा नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति तक सेवा में रह सकेंगे।
लेकिन यह छूट पदोन्नति के लिए लागू नहीं होगी। यदि ऐसे शिक्षक आगे प्रमोशन चाहते हैं तो उन्हें संबंधित विषय का HTET पास करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर जारी हुए निर्देश
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट के अंजुमन इशात-ए-तलीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य मामले में 1 सितंबर 2025 को दिए गए आदेश के अनुपालन में जारी किए हैं।
इसके बाद 29 मई 2026 को दाखिल पुनर्विचार याचिका पर भी आदेश हुआ। हरियाणा के शिक्षकों की ओर से राहत के लिए दाखिल पुनर्विचार याचिका मई 2026 में खारिज हो चुकी है।
साल में दो बार आयोजित होगा HTET
बिना HTET वाले शिक्षकों को परीक्षा पास करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें, इसके लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी को साल में दो बार HTET आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
इससे संबंधित शिक्षकों को अगस्त 2028 की समयसीमा के भीतर परीक्षा पास करने के लिए कई अवसर मिल सकेंगे।
नियुक्ति और प्रमोशन में भी लागू होगा नियम
निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को संबंधित शिक्षकों को नए निर्देशों की जानकारी देने को कहा है। वहीं स्थापना शाखाओं को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप ही की जाए।
इसका मतलब है कि आगे होने वाली नियुक्तियों और प्रमोशन में HTET की पात्रता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा।
शिक्षक संगठन ने सरकार से राहत की मांग की
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभू सिंह ने कहा कि हरियाणा में HTET की अधिसूचना 23 अगस्त 2010 को जारी हुई थी। उनके अनुसार, इससे पहले भर्ती हुए शिक्षकों ने पात्रता परीक्षा नहीं दी थी और ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 25 हजार हो सकती है।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका भी दाखिल की गई थी, लेकिन वह खारिज हो गई। शिक्षक संगठन का कहना है कि कुछ राज्यों ने अपने शिक्षकों को राहत दी है। संगठन ने हरियाणा सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर शिक्षकों को राहत देने की मांग की है।

