चोपटा प्लस न्यूज़ 05 सितंबर । प्रदेश की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने आज भिवानी के गांव जमालपुर में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर किसानों के धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा में वल्र्ड बैंक की सहायता से 5700 करोड़ रुपये की लागत से पूरे प्रदेश का नहरी तंत्र सुधारा जा रहा है तथा इसी कड़ी में भुरटाना ब्रांच के लिए 211 करोड़ और सुंदर ब्रांच के लिए 185 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।
इस दौरान बवानीखेड़ा से विधायक कपूर वाल्मीकि भी मौजूद रहे। सिंचाई मंत्री द्वारा बड़े बजट की परियोजनाओं की मंजूरी और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के ठोस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की।
अखिल भारतीय किसान सभा की बवानीखेड़ा तहसील कमेटी के प्रधान कामरेड राजेश कुंगड़ ने बताया कि मंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक भरोसे और रोस्टर अनुसार पानी चलाने की बात पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की शेष मांगों और नहरी जीर्णोद्धार के काम को समयबद्ध पूरा कराने के लिए आंदोलन का रास्ता खुला रहेगा। इस दौरान किसान नेताओं ने मांग रखी कि मुणक हेड, भुरटाना हेड और हांसी ब्रांच से जुड़े पूरे नहरी तंत्र की सफाई करवाई जाए।
धरना स्थल पर पत्रकारों और किसानों से बातचीत करते हुए सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि राज्य भर में वल्र्ड बैंक के सहयोग से 5700 करोड़ रुपये की लागत से नहरों का आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार किया जा रहा है।
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इसी व्यापक योजना के तहत भुरटाना ब्रांच के नवीनीकरण पर 211 करोड़ रुपये तथा सुंदर ब्रांच पर 185 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही ऑग्मेंटेशन कैनाल की क्षमता बढ़ाने का कार्य भी तेज गति से चल रहा है, जिससे इलाके में पानी का समुचित प्रवाह बनेगा और टेल क्षेत्र की पुरानी समस्या पूरी तरह हल होगी।
सिंचाई मंत्री ने जल संकट के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पंचायतों और किसानों से भी सक्रिय सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतें भूमि उपलब्ध करवाती हैं तो टेल क्षेत्रों में बड़े जल भंडारण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे सूखे या कम बारिश के दौर में भी फसलों और पेयजल की आपूर्ति प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने नहरी पानी की चोरी रोकने और आपसी तालमेल बनाए रखने की अपील की ताकि अंतिम छोर के गांवों की डिग्रियों तक पीने का पानी सुचारू रूप से पहुंच सके।
प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि सरकार की हमेशा अपने कर्मचारियों के प्रति पूरी संवेदना रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पहले ही विधानसभा में इस विषय पर विस्तार से स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। सरकार ने कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को समायोजित करते हुए स्वीकार किया है। सरकार का पूरा प्रयास है कि पारदर्शी और बेहतर सुशासन दिया जाए ताकि कर्मचारी संतुष्ट व खुशहाल रहें और जनता को भी किसी प्रकार की असुविधा या नुकसान न उठाना पड़े।

