चोपटा प्लस। हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे फायर कर्मचारियों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार के निर्देश पर फतेहाबाद में नगर परिषद के पालिका रोल पर कार्यरत 10 फायर कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि फायर ब्रिगेड में तैनात 14 पक्के कर्मचारियों के निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेशभर में पेरोल पर कार्यरत 1200 से अधिक फायर कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 3 सितंबर सुबह 9 बजे तक ड्यूटी पर लौटने के आदेश दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि निलंबित किए गए 14 पक्के कर्मचारियों में अधिकांश यूनियन से जुड़े पदाधिकारी व नेता शामिल हैं। सरकार की इस कार्रवाई से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों में रोष बढ़ गया है। कर्मचारियों ने सरकार के फैसले को दमनकारी नीति करार देते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
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‘सरकार की कार्रवाई से कर्मचारी डरने वाले नहीं’
फतेहाबाद में हरियाणा अग्निशमन सेवा संघ के प्रदेश सचिव सतबीर सहारण ने सरकार की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के बजाय सरकार उन्हें डराने और दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बर्खास्त करने और निलंबित करने की कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा। कर्मचारी किसी भी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं।
सतबीर सहारण ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में मंत्री कृष्ण बेदी की ओर से कर्मचारियों की कुछ मांगें माने जाने संबंधी जो दावे किए गए हैं, सरकार को उसका लिखित पत्र कर्मचारियों के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में कर्मचारियों की मांगें मानी गई हैं तो सरकार उनके संबंध में जारी आदेश या पत्र सार्वजनिक करे।
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‘दावों और जमीन पर स्थिति में अंतर’
प्रदेश सचिव ने कहा कि कर्मचारियों को बातचीत के माध्यम से समाधान की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने बातचीत के बजाय कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। उन्होंने कहा कि फायर कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं और जनता की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विभाग में काम करते हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों को लेकर सरकार द्वारा जिस तरह का रवैया अपनाया जा रहा है, वह कर्मचारियों में रोष पैदा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नोटिस जारी कर ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है, लेकिन कर्मचारी अपने अधिकारों और मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि बर्खास्तगी और निलंबन जैसे कदमों से सरकार कर्मचारियों पर दबाव तो बना सकती है, लेकिन उनकी मांगों को खत्म नहीं कर सकती।
3 सितंबर तक ड्यूटी ज्वाइन करने के आदेश
सरकार की ओर से पेरोल पर कार्यरत 1200 से अधिक फायर कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में कर्मचारियों को 3 सितंबर सुबह 9 बजे तक अपनी ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
फायर कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई से प्रदेशभर में आंदोलन और तेज होने के आसार हैं। वहीं कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का लिखित और ठोस समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

