Nathuasri Chopta Farmer ID ProblemNathuasri Chopta Farmer ID Problem

नाथूसरी चोपटा, 28 सितंबर। किसान आईडी यानी फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए किसान पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं, लेकिन कई किसानों के पुराने जमीन रिकॉर्ड का डाटा नहीं उठने से परेशानी बढ़ गई है। दड़बा कलां के किसान पवन कुमार स्वामी, तोता राम और नाथूसरी कलां के किसान विरेंद्र सिंह ने बताया कि पोर्टल पर आधार नंबर डालने के बाद जमीन से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड या नाम सामने नहीं आ रहा। इससे आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

किसानों का कहना है कि कई मामलों में आधार और राजस्व रिकॉर्ड में नाम या दूसरे विवरण अलग होने की वजह से रिकॉर्ड मैच नहीं हो रहा। केंद्र की Farmer Registry की तकनीकी जानकारी में भी बताया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम और किसान के विवरण में ज्यादा अंतर होने पर मामला मैनुअल मंजूरी के लिए जा सकता है।

नाथूसरी चौपटा खंड में करीब 27,800 किसान PM-KISAN सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। स्थानीय कृषि विभाग के अनुसार इनमें से करीब 13,000 किसानों की Farmer ID बन चुकी है, जबकि लगभग 14,800 किसान अभी बाकी हैं। विभाग किसानों को जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कह रहा है।

पुराने जमीन रिकॉर्ड की गलती राजस्व विभाग से होगी ठीक

कृषि विकास अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सहारण ने बताया कि कई किसानों ने पोर्टल पर पिछला डाटा नहीं आने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि पुराने जमीन रिकॉर्ड से जुड़ी गलती राजस्व विभाग के स्तर पर ठीक होगी। जिन किसानों के रिकॉर्ड में नाम या जमीन का विवरण सही नहीं है, वे संबंधित राजस्व विभाग में जाकर अपना डाटा ठीक करवा सकते हैं।

हरियाणा में Farmer Registry का आधिकारिक पोर्टल जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को Farmer ID से जोड़ने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। राज्य के पोर्टल पर किसान अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।

किसान आईडी के लिए पोर्टल पर दोबारा आधार नंबर डालकर यह भी देखा जा सकता है कि आवेदन किसी स्तर पर लंबित या अस्वीकृत तो नहीं है। PM-KISAN की सरकारी वेबसाइट पर भी Farmer ID से जुड़ी प्रक्रिया और आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा दी गई है।

14,800 किसानों की Farmer ID अभी बाकी

नाथूसरी चौपटा में करीब 27,800 किसान PM-KISAN योजना का लाभ ले रहे हैं। कृषि विभाग के स्थानीय आंकड़ों के अनुसार करीब 13,000 किसानों की Farmer ID बन चुकी है। इस हिसाब से करीब 14,800 किसानों का रजिस्ट्रेशन अभी बाकी है।

कृषि विभाग किसानों को गांव में तैनात कृषि सुपरवाइजर या नजदीकी खंड कृषि कार्यालय से Farmer ID बनवाने के लिए कह रहा है। हरियाणा सरकार ने भी मई 2026 में CSC के जरिए Farmer Registry और PM-KISAN से जुड़ी सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराने की बात कही थी।

Farmer Registry का मकसद किसान, जमीन और खेती से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ना है। केंद्र सरकार के अनुसार Farmer ID को PM-KISAN, फसल बीमा, MSP खरीद, कृषि ऋण और दूसरी कृषि सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।

PM-KISAN की अक्टूबर किस्त पर क्या असर?

कृषि विकास अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सहारण के अनुसार, जिन किसानों ने अभी तक Farmer ID नहीं बनवाई है, उन्हें योजना के लाभ में दिक्कत आ सकती है और विभाग किसानों को रजिस्ट्रेशन के लिए लगातार प्रेरित कर रहा है।

हालांकि, PM-KISAN की अक्टूबर किस्त केवल Farmer ID नहीं होने के कारण पूरे हरियाणा में रोकी जाएगी, इसकी राज्यव्यापी पुष्टि उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड से नहीं मिली है। 6 सितंबर 2026 के हरियाणा सरकार के एक आधिकारिक जिला बयान में कहा गया था कि Farmer ID नहीं बनवाने से BPL, पेंशन और PM-KISAN पर असर नहीं पड़ेगा। इसलिए स्थानीय अधिकारी के बयान और राज्य स्तर पर जारी सूचना में अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।

PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल योजना के लिए e-KYC को अनिवार्य बताया गया है और किसान अपना भुगतान व लाभार्थी स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं।

Farmer Registry क्यों जरूरी की जा रही है

केंद्र सरकार के अनुसार Farmer ID के जरिए किसान की पहचान, जमीन और फसल से जुड़े रिकॉर्ड को एक डिजिटल सिस्टम में जोड़ा जा रहा है। इसका इस्तेमाल आगे सरकारी योजनाओं, फसल बीमा, MSP खरीद, कृषि ऋण और दूसरी सेवाओं में किया जा सकता है।

हरियाणा में मार्च 2026 तक 11.34 लाख से ज्यादा Farmer ID बन चुकी थीं। इसके बाद राज्य सरकार ने रजिस्ट्रेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए जिलों को लक्ष्य दिए और गांव स्तर पर किसानों का रजिस्ट्रेशन कराने पर जोर दिया।

किसानों की मौजूदा परेशानी में सबसे अहम बात यह है कि अगर पोर्टल पर जमीन का पुराना रिकॉर्ड नहीं आ रहा है, तो केवल बार-बार आवेदन करने के बजाय पहले आधार और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाम व जमीन का विवरण जांचना होगा। रिकॉर्ड में गलती होने पर उसे राजस्व विभाग के स्तर पर ठीक कराने के बाद Farmer Registry में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *