नाथूसरी चोपटा (हरियाणा): हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों में सरकार की नीतियों को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की नाथूसरी चोपटा इकाई ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम से सरकार को एक ज्ञापन सौंपा है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से की जा रही भर्तियां कर्मचारियों का शोषण हैं। उनकी मुख्य मांग है कि HKRN को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए और इसके तहत लगे कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। साथ ही, भविष्य में होने वाली सभी भर्तियां केवल नियमित (Permanent) आधार पर ही की जाएं।

प्रमुख मांगें:
- पुरानी पेंशन की बहाली: कर्मचारियों ने NPS और हाल ही में घोषित UPS (Unified Pension Scheme) को नकारते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग की है।
- लेबर कोड का विरोध: सरकार द्वारा लाए गए चार नए लेबर कोड को कर्मचारी विरोधी बताते हुए उन्हें रद्द करने और पुराने श्रम कानूनों को बहाल रखने की मांग की गई है।
- TET परीक्षा से छूट: 2009 से पहले भर्ती हुए अध्यापकों पर TET परीक्षा की अनिवार्यता को गलत बताते हुए इसे हटाने की मांग की गई है।
कर्मचारी नेता विजेंद्र जी ने सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘पारदर्शिता’ के दावों को खोखला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर विभाग में कर्मचारियों की कमी है, जिसके कारण मौजूदा स्टाफ पर काम और जनता का भारी दबाव बना हुआ है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला और राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगे और चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी कर सकते हैं ।
