Haryana Education Department: हरियाणा के शिक्षा विभाग में अब छंटनी होने वालीी है। शिक्षा विभाग में शैक्षणिक पदों का रेशनेलाइजेशन (युक्तीकरण) होने के बाद गैर शिक्षक के पदों पर छंटनी तय है। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा शिक्षा विभाग से कार्यरत गैर शिक्षक कर्मियों की रिपोर्ट तलब की है।
CMO ने इसके लिए निर्देश जारी किए है जिसके बाद सेंकेंडरी शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ मुख्यालय की अलग अळग ब्रांचों में कार्यरत कर्मियों का ब्योरा मांगा लिया है। खबर है कि हरियाणा में रेशनेलाइजेशन के बाद शिक्षकों के पांच हजार से ज्यादा पदों पर कैंची चल सकती है।
बता दें कि इसको लेकर शिक्षा निदेशालय की ओर से SCERT गुरुग्राम और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची मांगी गई है।
एचआरएमई-1 और एचआरएमई-2 शाखा से संबंधित अधीक्षक, उप अधीक्षक, सीनियर स्केल स्टोनोग्राफर, जूनियर स्केल स्टोनोग्राफर, स्टेनो टाइपिस्ट, सहायक, सांख्यिकी सहायक, ड्राइवर, लैब अटेंडेंट और लिपिक की जानकारी देने को कहा जा चुका है।
प्रोफार्मा भेजना अनिवार्य
बता दें कि CMO की ओर से एक प्रोफार्मा भेजा गया है, सरकार ने साफ कहा है कि इसे भरकर सूचना भेजनी होगी
सीएमओ द्वारा भेजे गए प्रोफार्मा में जिले का नाम, पद की इकाई (केवल नामकरण), पद का नाम, अधिकारी का नाम और रिक्त और अतिरिक्त प्रभार का भी उल्लेख किया जाना अनिवार्य है।
इसके साथ ही भुगतान कोड, गृह जिला, कब से कार्यरत है और रिक्त व अतिरिक्त प्रभार कब से है, सेवानिवृत्ति की तिथि, पोस्टिंग तथा जब से ज्वाइनिंग की है और अब तक टिप्पणी सहित ब्योरा भेजना होगा।
नई भर्तियों होंगी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बीते दिन शिक्षा विभाग के साथ महत्वपूर्ण बैठक की थी, जिसमें जानकारी सांझा हुई के शिक्षा विभाग से सीएमओ के पास जो रिपोर्ट आने वाली है उसी के आधार पर नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी और जिन पदों की वर्तमान समय के अनुसार जरूरत नहीं है, उन्हें समाप्त किया जा सकता है।
