हिसार कृषि मेला चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में 23–24 मार्च को दो दिवसीय कृषि मेला (खरीफ) आयोजित किया जाएगा। मेले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा विशिष्ट अतिथि रहेंगे। मेले के दौरान हरियाणा के विभिन्न जिलों से चयनित 42 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति बलदेव राज काम्बोज उस बताया की प्रत्येक जिले से दो किसानों का चयन कृषि, पशुपालन, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर किया गया है।
किसानों की लिस्ट
सम्मानित होने वाले इन किसानों में जिला करनाल के गांव गगसीना से जगबीर सिंह, प्योंत से प्रियंका, पलवल के गांव यादूपुर से भगवान स्वरूप, अल्लिका से ज्योति, हिसार के गांव सातरोड कलां से राजेन्द्र सिंह, सदलपुर से प्रोमिला खीचड़, भिवानी के गांव रानीला से मुंशी राम, ईशरवाल से सुदेश, यमुनानगर के गांव रादौरी से छवि प्रकाश, मिल्कखास से रेखा रानी, पानीपत के गांव बिल्लासपुर से प्रवीन, नौल्था से निशु, महेन्द्रगढ़ के मोहल्ला लाला वाला कुआ से ओम प्रकाश यादव, गांव राजावास से जागृति, जींद के गांव रधाना से दलबीर सिंह चहल, रामराय से कुसुम, कैथल के गांव लदानाचक्कू से जोधाराम, खेडीलांबा से मुकेश देवी, फरीदाबाद के गांव नाचौली से हेमचंद, भोपानी से बाला, पंचकुला के सेक्टर 26 से विकास गहलोत, गांव नारायणपुर से स्वर्णजीत कौर, सोनीपत के गांव बड़वासनी से राजेश, जगदीशपुर से पुष्पा, कुरूक्षेत्र के गांव भौरसैदां से संतोष कुमार, कैलाश नगर से पूजा रानी, नूंह के उजीना से प्रमोद कुमार, संगेल से ज्योति, फतेहाबाद के गांव डांगरा से सुरेश कुमार, अमानी से सुमन, झज्जर के गांव सासरौली से रणबीर, माजरी से सोनिका, अंबाला के गांव सुल्लर से मेहर सिंह, रतनगढ़ से सोनिका खुराना, रेवाड़ी के बिठवाना से रविन्द्र, घासेढ़ा से दीपिका यादव, रोहतक के गांव चिड़ी से रामनिवास, बलियाना से ममता, सिरसा के संत नगर से बुद्ध सिंह गिल, ओंढा से सोनिया, हिसार के गांव जग्गा बाड़ा से सतबीर व शाहपुर से सुमन शामिल हैं।
इन किसानों ने प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, जैविक खेती, जल संरक्षण, वर्मी कम्पोस्ट और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह मेला किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
