तंजानिया अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में पहुंचे हुए भारतीयों ने पोरट का दौरा किया तथा वहां की गतिविधियां जानी। इसके बाद कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण कर वहां के वैज्ञानिकों से यह जानकारी हासिल की। तंजानिया के अंदर कौन सी फसल किस समय बोई जाती है, कौन से फल का सबसे ज्यादा लाभ हमें मिल सकता है, के बारे में पूर्ण जानकारी ली। कृषि तंजानिया की अर्थव्यवस्था का मु य हिस्सा है।
प्रसिद्ध उद्योग पति अजय आहूजा और निफा हरियाणा युवा प्रधान अनिल ढिढारिया ने कहा कि 2016 तक, तंजानिया में 44 मिलियन हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि थी, जिसमें से केवल 33 प्रतिशत पर ही खेती की जाती थी। लगभग 70 प्रतिशत अमीर आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और उनमें से लगभग सभी कृषि क्षेत्र में शामिल हैं। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भूमि एक महत्वपूर्ण संपत्ति है और तंजानिया में नौ मु य खाद्य फसलों में मक्का, ज्वार, बाजरा, चावल, गेहूं, सेम, कसावा, आलू और केले हैं। कृषि उद्योग देश की विदेशी मुद्रा आय में बड़ा योगदान देता है,
जिसमें नकदी फसल निर्यात से 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई होती है। तंजानिया एक गतिशील और तेजी से विकसित हो रहा व्यावसायिक वातावरण है, जो इसे निवेशकों के लिए एक बेहतरीन जगह बनाता है। देश में एक स्थिर राजनीतिक माहौल, पूर्वी अफ्रीका में एक अनुकूल भौगोलिक स्थिति और समृद्ध प्राकृतिक संसाधन हैं, जो इसे विभिन्न क्षेत्रों में अनगिनत अवसर प्रदान करते हैं। सरकार व्यवसाय.समर्थक रणनीतियोंए कर प्रोत्साहनों और बुनियादी ढांचे के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देने में रुचि रखती है। चाहे आप उभरते उपभोक्ता बाजार में प्रवेश करना चाहते हों या खनन, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अवसरों को लक्षित करना चाहते हों, तंजानिया दीर्घकालिक विकास के लिए एक अच्छा वातावरण प्रदान करता है।
प्रमुख क्षेत्रों में कृषि, पर्यटन और खनन शामिल हैं। सुनिश्चित करें कि आप सुगम प्रवेश और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अपना इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा से फॉरेन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर आमन्ना तस्नीम आईएएस, हार्टड्रोन के डायरेक्टर जे गणेशन आईएएस, डा. शालीन आईएएस, एडवाइजर पवन चौधरी, डा. संजय गर्ग, सिद्धार्थ सहारण ने की। इस कार्यक्रम में हरियाणा की तरफ से सहयोगी साथी ड्रोन दीदी विमला सिंवर, संजीव डूमरा, दीपक तायल, अमित सचदेवा, रोहतास पलथानिया, दिनेश लड़ा, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अनिल ढिढारिया, परविंदर लोहान आदि साथ रहे। सभी ने सफल आयोजन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी का धन्यवाद किया।
