यमुना जल समझौता: हरियाणा देगा राजस्थान को 10.4% पानी, 265 KM पाइपलाइन पर बनी सहमति
हरियाणा और राजस्थान के बीच वर्ष 1994 में हुआ यमुना जल समझौता अब 32 साल बाद धरातल पर उतरने जा रहा है। हरियाणा सरकार ने राजस्थान को हथिनीकुंड बैराज से हासियावास (चूरू) तक पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति का पत्र भेज दिया है। इसके साथ ही परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले को दोनों राज्यों के बीच जल साझेदारी की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यमुनानगर जिले स्थित हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के चूरू जिले के हासियावास तक करीब 265 किलोमीटर लंबी तीन समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। इस परियोजना के तहत राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को लगभग 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यमुनानगर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आर.एस. मित्तल ने बताया कि इस संबंध में राजस्थान सरकार को सहमति पत्र भेज दिया गया है।
खुली नहर पर नहीं बन पाई थी सहमति
इससे पहले वर्ष 2017, 2019 और 2021 में भी राजस्थान की ओर से विभिन्न प्रस्ताव भेजे गए थे। हरियाणा की तरफ से मावी (पानीपत) क्षेत्र से बैराज बनाकर खुली नहर या ओखला के माध्यम से पानी देने का सुझाव दिया गया था, लेकिन पानी की पूर्ण उपलब्धता को लेकर आशंकाओं के कारण राजस्थान इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हुआ। फरवरी 2024 में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच नए एमओयू के बाद पाइपलाइन विकल्प पर सहमति बनी, जिस पर अब हरियाणा ने लिखित मंजूरी दे दी है।
1994 यमुना जल समझौते का प्रावधान
12 मई 1994 को राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के बीच हुए यमुना जल समझौते के तहत पानी का बंटवारा तय किया गया था। समझौते के अनुसार कुल जल में से 40.6% हरियाणा, 35.1% उत्तर प्रदेश, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश को दिया जाना था।
इसी समझौते के तहत मानसून अवधि (जुलाई से अक्टूबर) में हथिनीकुंड हेड से 1917 क्यूसेक अतिरिक्त पानी राजस्थान को उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित था।
राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के लागू होने से राजस्थान के शुष्क और जल संकट से जूझ रहे चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को बड़ा राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित इस योजना के अमल में आने से पेयजल आपूर्ति और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
